अगर शिरोमणि कमेटी के प्रधान गुरु गोबिंद सिंह जी के सिपाही होते तो मुझे बेहद खुशी होती, लेकिन वे सुखबीर बादल के सिपाही हैं और वे खुद कहते हैं कि मैं बादल का सिपाही हूं : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान


कल्याण केसरी न्यूज़, मजीठा (अमृतसर), 18 जनवरी 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां मजीठा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान 23 ग्रामीण लिंक सड़कों का शिलान्यास करते हुए घोषणा की कि पंजाब में भय का दौर, “पर्ची का दौर” (जबरन वसूली) और अकालियों की दबंगई का युग समाप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लोगों ने डर और धमकी की राजनीति को पूरी तरह नकार दिया है और विकास, जवाबदेही तथा जनकल्याण पर आधारित मॉडल को अपनाया है।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अकालियों की सत्ता में वापसी का मतलब बेअदबी और निर्दोष लोगों पर गोलीबारी के दौर में लौटना होगा। उन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद जनरल डायर को रात्रि भोज पर बुलाए जाने को पंजाब के साथ विश्वासघात बताया, जिसे लोग कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने जोर देकर कहा कि धार्मिक संस्थाओं को गुरु साहिब की सेवा करनी चाहिए, न कि किसी राजनीतिक परिवार का पक्ष लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुफ्त बिजली, सड़कों का नवीनीकरण और जनहितैषी प्रशासन ने संकीर्ण राजनीति की जगह ले ली है। मजीठा में 11.32 करोड़ रुपये की लागत वाले विकास प्रोजेक्ट्स के साथ विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पहले यह क्षेत्र लगातार भय के साए में रहता था। खुद को ‘जनरल’ कहने वाले व्यक्ति ने झूठे मामलों को आम लोगों के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल किया। कांग्रेस और अकाली सरकारों की मिलीभगत से आतंक का शासन चला और लोग सरकार के खिलाफ बोलने से डरते थे।” उन्होंने कहा कि अब यह डर पूरी तरह खत्म हो चुका है क्योंकि अब जनता का राज है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों ने मजीठिया और बादल परिवार द्वारा चलाई जा रही डराने-धमकाने की राजनीति को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि यही मजीठा क्षेत्र कभी उन लोगों के कब्जे में था जिन्होंने 1919 में जलियांवाला बाग हत्याकांड के दिन जनरल डायर को रात्रि भोज पर बुलाया था। ऐसे विश्वासघात को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल को सत्ता में लाने का अर्थ पंजाब को अंधकार युग में धकेलना होगा, जहां फिर से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी, निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर गोलियां और आम लोगों पर अत्याचार होंगे।
उन्होंने कहा कि अकालियों और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की गलतियों के कारण ही सरकार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के लापता 328 स्वरूपों की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनानी पड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल लापता स्वरूपों का पता लगाना है, धार्मिक संस्थाओं में हस्तक्षेप करना नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एसजीपीसी के मुखिया अपनी मूल जिम्मेदारियों की बजाय राजनीतिक रैलियों के आयोजन में लगे रहे। उन्होंने कहा, “गुरु गोबिंद सिंह जी के सिपाही होने के बजाय वे गर्व से खुद को सुखबीर बादल का सिपाही कहते हैं। ऐसे व्यक्ति से भलाई की क्या उम्मीद की जा सकती है?”
मुख्यमंत्री ने श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता का उल्लेख करते हुए कहा, “श्री अकाल तख्त साहिब हम सब से ऊपर है। इसी कारण मैंने भारत के राष्ट्रपति के कार्यक्रम में जाने की बजाय तख्त साहिब के समक्ष पेश होना चुना।” उन्होंने कहा कि अकालियों ने बार-बार अकाल तख्त की मर्यादा को ठेस पहुंचाई, जथेदारों की मनमानी नियुक्ति और बर्खास्तगी की।
मजीठा से एक बड़ा ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों में मजीठा से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार तलवीर सिंह गिल होंगे। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि मजीठा के लोग केवल मांग पत्र देने की बजाय खुद फैसले लें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मार्च 2022 में सत्ता संभालने के बाद पहला फैसला 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली देने का था। किसानों को निर्बाध बिजली मिल रही है और पंजाब आज बिजली सरप्लस राज्य बन चुका है।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ नेता गरीब के घर एक रात रुकने को बड़ी बात समझते हैं, जबकि वे खुद एक आम आदमी हैं और आम लोगों की परेशानियों को समझते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा क्षेत्र के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास लगी बाड़ को आगे खिसकाने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिससे किसान हजारों एकड़ जमीन पर खेती कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि मजीठा हलके में 11.32 करोड़ रुपये की लागत से 23 ग्रामीण लिंक सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा। अगले पांच वर्षों में 9.94 करोड़ रुपये सड़कों के निर्माण और 1.38 करोड़ रुपये रखरखाव पर खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे पंजाब में लगभग 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कों की मरम्मत और अपग्रेडेशन का व्यापक कार्यक्रम शुरू किया गया है। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री फ्लाइंग स्क्वाड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सर्वे किया गया, जिससे 226.89 करोड़ रुपये की बचत हुई।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में यही पैसा लूटा जाता था, लेकिन अब इसे पंजाब के विकास और जनता की खुशहाली पर खर्च किया जा रहा है।
इससे पहले लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ., विधायक सरवण सिंह धुन्न, वरिष्ठ आप नेता तलवीर सिंह गिल और अन्य नेता उपस्थित थे।

Check Also

निरंकारी मिशन द्वारा लगाए गए कैंप में 201 ने किया रक्तदान

“खून नाड़ियों में बहना चाहिए, नालियों में नहीं” कल्याण केसरी न्यूज़, मोहाली, 18 जनवरी 2026: …