रेस्तरां, क्लब और अन्य लाइसेंस प्राप्त खाने-पीने की जगहों को रात 12 बजे तक पूरी तरह बंद करने के आदेश

कल्याण केसरी न्यूज़, जालंधर, 9 मार्च 2026: पुलिस कमिश्नर जालंधर धनप्रीत कौर द्वारा पुलिस कमिश्नरेट जालंधर के अधिकार क्षेत्र में अमन-कानून की व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए सभी रेस्तरां, क्लब और अन्य लाइसेंस प्राप्त खाने-पीने वाली जगहों को आधी रात 12 बजे तक पूरी तरह बंद करने के आदेश जारी किए गए है।
आदेशों में कहा गया है कि पुलिस कमिश्नरेट की सीमा के अंदर किसी भी रेस्तरां, क्लब या अन्य खाने-पीने वाली जगह पर रात 11:30 बजे के बाद भोजन, पेय पदार्थ आदि का कोई ऑर्डर नहीं लिया जाएगा और न ही किसी भी नए ग्राहक को रात 11:30 बजे के बाद रेस्तरां, क्लब या अन्य खाने-पीने वाली जगह में प्रवेश करने की अनुमति होगी। शराब की दुकानों से लगे अहाते रात 12 बजे या लाइसेंस की शर्तों के अनुसार पूरी तरह बंद हो जाने चाहिए।
आदेशों में सभी संस्थानों को आवाज का स्तर 10 डेसीबल (ए) का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेशों में यह भी कहा गया है कि डी.जे., लाइव ऑर्केस्ट्रा/सिंगर समेत आवाज पैदा करने वाले सभी स्रोत रात 10 बजे बंद हो जाने चाहिए या उनकी आवाज कम हो जानी चाहिए। रात 10 बजे के बाद किसी भी इमारत या कैंपस के अंदर पैदा होने वाली आवाज उसकी चारदीवारी से बाहर नहीं सुनाई देनी चाहिए। म्यूजिक सिस्टम वाले वाहनों के मामले में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि म्यूजिक सिस्टम से पैदा होने वाली आवाज दिन के किसी भी समय वाहन के बाहर सुनाई न दे।
पुलिस कमिश्नर द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 और आर्म्स रूल्स 2016 के रूल नंबर 32 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक और धार्मिक स्थानों, शादियों/पार्टियों के मौके पर मैरिज पैलेस/होटल/हॉल आदि में और अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों पर हथियार लेकर जाना और हथियारों का प्रदर्शन करने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है।
आदेशों में यह भी कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति हथियारों को प्रमोट करने वाले और हिंसा/लड़ाई-झगड़ों की प्रशंसा करने वाले गीतों और हथियार लेकर फोटो खिंचवाकर या वीडियो क्लिप बनाकर सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, स्नैपचैट और इंस्टाग्राम आदि पर अपलोड नहीं करेगा। ऐसा करने पर भी पूर्ण पाबंदी है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति किसी भी समुदाय के विरुद्ध नफरत भरा भाषण नहीं देगा।
इसी प्रकार एक अन्य आदेश के माध्यम से कमिश्नरेट पुलिस जालंधर की सीमा के अंदर बुलेट मोटरसाइकिल चलाते समय साइलेंसर में तकनीकी बदलाव करवाकर पटाखे आदि चलाने वाले वाहन चालकों पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। साथ ही यह भी आदेश जारी किए गए हैं कि कोई भी दुकानदार या ऑटो कंपनी द्वारा निर्धारित मानकों के विरुद्ध तैयार किए गए साइलेंसर नहीं बेचेगा और न ही किसी मैकेनिक द्वारा साइलेंसर में तकनीकी बदलाव किए जाएंगे।
पुलिस कमिश्नर ने एक और आदेश जारी किया है कि पुलिस कमिश्नरेट जालंधर की सीमा के अंदर पड़ने वाली वाहन खड़े करने की जगहें जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धार्मिक स्थल, अस्पताल, भीड़भाड़ वाले बाजार और अन्य पार्किंग स्थल आदि के मालिक/प्रबंधक (कॉम्प्लेक्स के अंदर या बाहर) सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाए बिना वाहन पार्किंग नहीं चलाएंगे।
जारी आदेशों में कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सी.सी.टी.वी. कैमरे इस तरीके से लगाए जाएं कि पार्किंग के अंदर/बाहर आने-जाने वाले वाहन की नंबर प्लेट और वाहन चलाने वाले व्यक्ति का चेहरा साफ नजर आए। इन सी.सी.टी.वी. कैमरों की 45 दिनों तक की रिकॉर्डिंग की सी.डी. तैयार करके हर 15 दिन बाद सिक्योरिटी ब्रांच दफ्तर पुलिस कमिश्नर जालंधर में जमा करवाई जाए।
इसी प्रकार वाहन पार्क करने वाले वाहन मालिकों का रिकॉर्ड अगर वाहन एक दिन के लिए खड़ा करना हो तो रजिस्टर में व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर, आई.डी., वाहन की किस्म, रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसी नंबर, इंजन नंबर, वाहन पार्क करने की तिथि और वाहन वापस लेने की तिथि दर्ज करने के अलावा वाहन मालिक से रजिस्टर पर दस्तखत करवाए जाएं।
आदेशों में यह भी कहा गया है कि अगर वाहन एक दिन से अधिक समय के लिए खड़ा करना हो तो उपरोक्त अनुसार रिकॉर्ड करके वाहन मालिक से वाहन की रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो कॉपी लेकर रिकॉर्ड के रूप में रखी जाए। इसके अलावा पार्किंग में काम कर रहे व्यक्तियों की पुलिस वेरिफिकेशन संबंधित थानों से करवाई जाए।
पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी एक अन्य आदेश के अनुसार कोई भी दुकानदार/दर्जी, सैनिक/अर्ध सैनिक बल/पुलिस की बनी-बनाई वर्दी या कपड़ा लेकर सीधी सिलाई वर्दी खरीददार की सही पहचान किए बिना नहीं बेचेगा। वर्दी खरीदने वाले व्यक्ति के फोटो पहचान पत्र (जो सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो) की स्व-सत्यापित फोटो कॉपी रखेगा और खरीदने वाले का रैंक, नाम, पता, फोन नंबर और तैनाती का स्थान संबंधी रिकॉर्ड रजिस्टर पर मेंटेन करेगा। यह रजिस्टर दो महीने में एक बार संबंधित मुख्य थाना अधिकारी से सत्यापित करवाएगा और जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड पुलिस को उपलब्ध कराएगा। उपरोक्त सभी आदेश 7 मई 2026 तक लागू रहेंगे।

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