भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए पंजाब सरकार 17.72 करोड़ रुपये खर्च कर रही हैः मुख्यमंत्री भगवंत मान

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 26 अक्टूबर 2026: महर्षि भगवान श्री वाल्मीकि जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर नतमस्तक होते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उनकी महान विरासत को संरक्षित करने तथा समानता, मानवता और धर्म से जुड़ी उनकी शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार के प्रति पंजाब सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और इसके सौंदर्यीकरण के लिए 17.72 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से उनकी सरकार धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित कर रही है।
इस बात पर जोर देते हुए कि धार्मिक स्थलों का प्रबंधन धार्मिक व्यक्तित्वों और विद्वानों द्वारा किया जाना चाहिए, मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की धरती पर हर बीज अंकुरित हो सकता है, लेकिन नफरत का बीज इस पवित्र धरती पर कभी नहीं उग सकता।
इस समारोह की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आज मुझे अमृतसर में महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के पवित्र प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में नतमस्तक होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस स्थल के विकास के लिए आज 17.5 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। हमारा मानना है कि धार्मिक स्थलों का प्रबंधन राजनेताओं के बजाय धार्मिक व्यक्तित्वों और विद्वानों द्वारा किया जाना चाहिए। पंजाब में हर बीज अंकुरित हो सकता है, लेकिन नफरत का बीज इस पवित्र धरती पर कभी नहीं उग सकता।”
महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखा जाएगा।”
इस पवित्र स्थल पर नतमस्तक होते हुए मुख्यमंत्री ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार महर्षि भगवान वाल्मीकि जी द्वारा दिखाए गए धर्म, समानता और मानवता के मार्ग पर चलते हुए एक समतावादी समाज का निर्माण कर रही है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान और समान अवसर प्राप्त हों।


महर्षि भगवान वाल्मीकि जी को संस्कृत साहित्य का पितामह और आदिकवि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “महर्षि भगवान वाल्मीकि जी द्वारा रचित अमर महाकाव्य रामायण ने हजारों वर्षों से मानवता को धर्म का मार्ग दिखाया है। यह रचना बुराई पर सत्य की विजय का शाश्वत संदेश देती है और सत्य, नैतिकता, करुणा तथा सदाचार के लिए एक प्रकाश स्तंभ के रूप में कार्य करती है।”
उन्होंने कहा, “महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाएं किसी विशेष काल या समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये संपूर्ण मानवता से संबंधित हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की अमर रचना रामायण समाज को सत्य, न्याय, समानता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रही है। ऐसे समय में, जब मानवीय संबंधों पर भौतिकवादी सोच का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, इस पवित्र महाकाव्य में दर्शाए गए आदर्श पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं।”
वर्तमान समाज में महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “महर्षि भगवान वाल्मीकि जी ने एक आदर्श व्यक्ति, एक आदर्श शासक और एक आदर्श समाज के शाश्वत आदर्श स्थापित किए।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “ये सिद्धांत समाज को विभाजनों से ऊपर उठने तथा आपसी सम्मान, सामाजिक न्याय और भाईचारे पर आधारित भविष्य का निर्माण करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। पंजाब को महान गुरुओं, संतों-महापुरुषों, पीर-फकीरों और पैगंबरों की महान विरासत का आशीर्वाद प्राप्त है। यह अत्यंत गर्व की बात है कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी ने इसी पवित्र धरती पर भगवान श्रीराम के पुत्रों लव और कुश को ज्ञान एवं शिक्षा प्रदान की थी।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस पवित्र स्थल पर नतमस्तक होने के अवसर को आध्यात्मिक संतुष्टि और सौभाग्य का क्षण बताया।
इस पवित्र स्थल के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल पर विभिन्न विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों पर 17.72 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के जीवन और शिक्षाओं को दर्शाने वाला एक आकर्षक पैनोरमा वर्ष 2024 में 25 करोड़ रुपये की लागत से श्रद्धालुओं को समर्पित किया गया था।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस पवित्र स्थल की सुंदरता बढ़ाने के लिए फसाड लाइटिंग (बाहरी हिस्से पर विशेष रोशनी) भी लगाई गई है, जिससे रात के समय यह स्थल आकर्षक दिखाई देता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल का विकास केवल एक ढांचागत परियोजना नहीं है, बल्कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रति हमारी गहरी श्रद्धा की अभिव्यक्ति है, जिनकी शिक्षाओं ने सदियों से मानवता को समृद्ध किया है।”
उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि श्रद्धालु इस पवित्र स्थल की आध्यात्मिक भव्यता का अनुभव करें। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि इसकी समृद्ध विरासत को संरक्षित किया जाए और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए। राज्य सरकार इस धार्मिक स्थल के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराती रहेगी और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में सुधार के लिए सभी जरूरी शेष कार्य भी करवाएगी।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस पवित्र धरती के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं है और सरकार अपनी प्रतिबद्धता पूरी करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।”
उन्होंने कहा, “सरकार पूरे पंजाब में सांप्रदायिक सद्भाव, अमन-शांति और भाईचारे के आदर्शों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि धार्मिक संस्थाओं को अपनी आध्यात्मिक परंपराओं के अनुरूप कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “धार्मिक संस्थाओं का प्रबंधन बिना किसी अनावश्यक राजनीतिक हस्तक्षेप के संबंधित धर्मों से जुड़े लोगों द्वारा ही किया जाना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत श्रद्धालुओं को अमृतसर के अन्य प्रमुख पवित्र स्थलों के साथ-साथ भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल के दर्शन करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। इससे श्रद्धालुओं को इन पवित्र स्थलों पर शीश झुकाने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।
महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के जीवन और दर्शन से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “महर्षि भगवान वाल्मीकि जी को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाएं और दैनिक जीवन में समानता, दया, सदाचार तथा आपसी सम्मान के मूल्यों को बढ़ावा दें।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से महर्षि भगवान वाल्मीकि जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे समाज का निर्माण किया जाना चाहिए, जहां किसी के साथ भेदभाव न हो, प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान मिले और आपसी भाईचारे एवं सद्भाव के संबंध दिन-प्रतिदिन और मजबूत हों।
भगवंत मान सरकार की भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल
भगवंत मान सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के दौरान अमृतसर स्थित महर्षि भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल (राम तीर्थ) के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 17.72 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस पवित्र स्थल को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।

विकास और सौंदर्यीकरण
भगवंत मान सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के दौरान महर्षि भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल पर विभिन्न विकास कार्यों और सौंदर्यीकरण के कार्यों पर 17.72 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

तीर्थ स्थल पर सुविधाओं में सुधार

  • मुख्य मंदिर: मुख्य मंदिर की इमारत की मरम्मत और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
  • साउंड सिस्टम: नए साउंड सिस्टम की स्थापना की जाएगी।
  • सुरक्षा: श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
  • पवित्र सरोवर: पवित्र सरोवर की सफाई और इससे संबंधित अन्य कार्य किए जाएंगे।
  • सीवरेज और आवासीय सुविधाएं: सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को चालू करना तथा मंदिर और सराय में एयर कंडीशनर लगाना शामिल है। इन कार्यों पर 2.60 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

पहले पूरे किए गए प्रमुख प्रोजेक्ट

  • पैनोरमा: महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के जीवन और शिक्षाओं को दर्शाने वाला पैनोरमा वर्ष 2024 में 25 करोड़ रुपये की लागत से श्रद्धालुओं को समर्पित किया गया था।
  • फसाड लाइटिंग: तीर्थ स्थल की सुंदरता को और अधिक आकर्षक बनाने, विशेषकर रात के समय इसकी भव्यता बढ़ाने के लिए विशेष प्रकाश व्यवस्था की गई है।

पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान

  • पंजाब सरकार इस पवित्र स्थल को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
  • श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त विकास कार्य भी किए जाएंगे।
  • मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत अमृतसर आने वाले श्रद्धालुओं को भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने की सुविधा भी प्रदान की जाती है।

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