कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 11 अगस्त 2025: सरहद पार से हो रही नशे की तस्करी को रोकने के लिए एक मिसाल कायम करते हुए, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कल ‘एंटी-ड्रोन सिस्टम’ (ए.डी.एस.) “बाज़ आंख” को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर यह प्रणाली तैनात की है।
आम आदमी पार्टी के बाबा बकाला से विधायक दलबीर सिंह टोंग ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि इस पहल के साथ नशा विरोधी अभियान में एक और शानदार अध्याय जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की नशा तस्करों के साथ मिलीभगत थी, जिसकी वजह से यह अभिशाप पंजाब में अपने पैर पसारता चला गया।
विधायक दलबीर सिंह टोंग ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में “नशे के खिलाफ जंग” के तहत पंजाब ने आज सरहद पार से हो रही नशा तस्करी के खिलाफ आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के साथ पंजाब की 553 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है, जिसे नशे और हथियारों की तस्करी के लिए सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में से एक माना जाता है। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और ड्रोन के ज़रिए हो रही तस्करी से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नौ एंटी-ड्रोन यूनिट स्थापित की जा रही हैं।
विधायक दलबीर सिंह टोंग ने कहा कि इन यूनिटों पर कुल 51.4 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भले ही हमारे देश की सशस्त्र सेनाएं और बीएसएफ पहले से ही ऐसी प्रणालियों का उपयोग कर रही हैं, लेकिन पंजाब देश का पहला राज्य है, जिसने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी ओर से एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किया है। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली के ज़रिए सरहद पार से पंजाब में घुसने वाले किसी भी ड्रोन को तुरंत निष्क्रिय किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम सुरक्षा बलों को नशा और हथियारों की तस्करी से निपटने में मदद करेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि इन प्रणालियों को उन खास सीमावर्ती स्थानों पर तैनात किया जा रहा है, जहां ड्रोन गतिविधियां सबसे अधिक देखी गई हैं। उन्होंने कहा कि पहले पंजाब पुलिस के पास ड्रोन को निष्क्रिय करने का कोई सिस्टम नहीं था, लेकिन अब यह प्रणाली पंजाब पुलिस को और अधिक सक्षम बनाएगी।
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