कहा- धुले को ओरिजिनेटिंग-टर्मिनेटिंग जंक्शन के रूप में विकसित कर शुरू की जाए रेल सेवा, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 27 अक्टूबर 2026: अमृतसर से महाराष्ट्र के धुले के बीच सीधी लंबी दूरी की रेल सेवा शुरू करने की मांग उठी है। अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर अमृतसर और धुले के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की सिफारिश की है। उन्होंने धुले को ओरिजिनेटिंग-टर्मिनेटिंग जंक्शन के रूप में विकसित करने की मांग करते हुए इस परियोजना के लिए जल्द तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता सर्वेक्षण करवाने की अपील की है।
सांसद औजला ने 18 अक्टूबर को लिखे पत्र में कहा कि अमृतसर धार्मिक, ऐतिहासिक और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है। यहां श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। वहीं, महाराष्ट्र का धुले शहर भी भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है। इसके बावजूद धुले को लंबे समय से सीधी लंबी दूरी की अंतरराज्यीय रेल कनेक्टिविटी की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क मार्ग से सफर करना पड़ता है महंगा और परेशानी भरा
औजला ने पत्र में कहा कि अमृतसर और धुले के बीच सीधी रेल सेवा नहीं होने के कारण विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों, बुजुर्गों और इलाज के लिए जाने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। यात्रियों को आसपास के रेलवे स्टेशनों तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं।
श्रद्धालुओं, व्यापारियों और विद्यार्थियों को होगा लाभ
सांसद ने कहा कि अमृतसर से धुले के बीच सीधी ट्रेन शुरू होने से श्री हरिमंदिर साहिब आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ महाराष्ट्र के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की यात्रा करने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा विद्यार्थियों और पेशेवरों को शैक्षणिक व औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचने में आसानी होगी। किसानों, व्यापारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भी पंजाब, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच आवागमन तथा व्यापार में लाभ मिल सकता है।
रेलवे बोर्ड से जल्द सर्वेक्षण करवाने की मांग
गुरजीत सिंह औजला ने रेल मंत्री से आग्रह किया कि रेलवे बोर्ड इस प्रस्ताव पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करे। इसके तहत तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता सर्वेक्षण, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और यातायात का आकलन करवाया जाए। उन्होंने धुले को ओरिजिनेटिंग-टर्मिनेटिंग स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे की संभावनाओं का अध्ययन करने और इंजीनियरिंग संबंधी शुरुआती कार्य जल्द शुरू करवाने की मांग की।

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