14 मार्च को ज़िला तरन तारन की अदालतों में लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत: ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश

कल्याण केसरी न्यूज़, तरन तारन, 10 फरवरी 2026: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा कार्यकारी चेयरमैन एवं पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, एस.ए.एस. नगर के निर्देशों के अनुसार ज़िला तरन तारन में इस वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत 14 मार्च 2026 को आयोजित की जा रही है।
यह जानकारी देते हुए ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश-कम-चेयरमैन, ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण, तरन तारन, कंवलजीत सिंह बाजवा ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में धारा 138 एन.आई. एक्ट, बैंक रिकवरी केस, श्रम (लेबर) केस, बिजली, पानी तथा समिति घर से संबंधित अन्य मामले जैसे सीवरेज, वॉटर सप्लाई, हाउस टैक्स, साइट प्लान आदि, सभी प्रकार के सिविल केस, छोटे व कम सज़ा वाले आपराधिक मामले, वैवाहिक विवाद, एम.ए.सी.टी. (मोटर दुर्घटना दावा) के मामले तथा बीमा क्लेम से संबंधित मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निपटाए गए मामलों के विरुद्ध किसी भी अदालत में अपील नहीं की जा सकती तथा लोक अदालत द्वारा दिया गया फैसला अंतिम होता है।
ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश कंवलजीत सिंह बाजवा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिए मामलों के निपटारे से जहां लोगों के धन की बचत होती है, वहीं दोनों पक्षों के बीच सौहार्द भी बना रहता है और कोई भी पक्ष स्वयं को विजयी या पराजित महसूस नहीं करता। उन्होंने बताया कि यदि किसी मामले का फैसला लोक अदालत में हो जाता है, तो उस केस में जमा की गई कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने विवाद का निपटारा आपसी सहमति से इस राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से करना चाहता है, तो वह अपनी अर्जी अपनी संबंधित अदालत में या सचिव, ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण, तरन तारन के कार्यालय में दे सकता है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अपने मामलों का इस राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटारा करवाकर अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

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