करोड़ों खर्च के बाद भी जर्जर बिल्डिंग, सरकार और हल्का विधायक से मांग जवाब

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 24 फरवरी 2026: इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिनेश बस्सी ने आज फोकल पॉइंट स्थित फायर स्टेशन की जर्जर हालत, कच्चे कर्मचारियों की अनदेखी और अमृतसर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला।उन्होंने कहा कि सरकार केवल इश्तिहारबाज़ी में व्यस्त है, जबकि जमीनी हकीकत में सरकारी कर्मचारी और आम जनता ‘मौत के साये’ में जी रहे हैं।बस्सी ने कहा कि इस फायर स्टेशन का उद्घाटन 16 सितंबर 2023 को विधायक जीवन जोत कौर द्वारा किया गया था और इसे बड़ी उपलब्धि बताया गया था, लेकिन उसके बाद कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधाओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।फायर स्टेशन की बिल्डिंग बेहद खस्ताहाल है। छत से कंक्रीट गिर रहा है और दीवारों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं। बारिश के दौरान पानी रिसता है और दफ्तर के अंदर भर जाता है। जो फायर फाइटर्स दूसरों की जान बचाते हैं, वे खुद असुरक्षित भवन में ड्यूटी करने को मजबूर हैं।24 घंटे ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के लिए न ठीक शौचालय की व्यवस्था है और न साफ पानी की। बरसात के दिनों में सीवरेज का गंदा पानी दफ्तर में घुस जाता है। परिसर में सांप घूमते देखे गए हैं। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी जर्जर हालत में खड़ी हैं क्योंकि उस पर छत नहीं है।
छत से रिसते पानी के कारण बिजली के तारों और स्विच बोर्ड में करंट आता है। किसी भी समय शॉर्ट सर्किट से बड़ा हादसा हो सकता है।
बस्सी ने कहा कि इस भवन के लिए 1.83 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन वह राशि कहां खर्च हुई, यह जांच का विषय है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने का वादा किया गया था, लेकिन अब सरकार अपने वादे से पीछे हट रही है। अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा देने वाले कर्मचारियों को ‘समान काम-समान वेतन’ के तहत सभी सुविधाएं दी जानी चाहिए और तुरंत पक्का किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि वहीं मुलाजिमों के साथ साथ पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। आम आदमी पार्टी की सरकार में गुंडागर्दी, लूट और गोलीबारी की घटनाएं बढ़ रही हैं। नशों के खिलाफ दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात सुधरते नजर नहीं आ रहे। जब सरकारी दफ्तर और कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है।दिनेश बस्सी ने कहा कि फोकल पॉइंट फायर स्टेशन की हालत देखकर रूह कांप जाती है। वहां न सुरक्षित छत है और न शौचालय। 1.83 करोड़ रुपये कहां खर्च हुए, इसकी जांच होनी चाहिए। यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई और कर्मचारियों को पक्का नहीं किया गया, तो सरकार के खिलाफ जोरदार आंदोलन किया जाएगा।अंत में उन्होंने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है और यदि हालात नहीं सुधरे तो उसे नैतिक आधार पर फैसला लेना चाहिए।
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