
कल्याण केसरी न्यूज़, मोहाली, 24 फरवरी 2026: प्रोजेक्ट अमृत के अंतर्गत, सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन आशीर्वाद से, निरंकारी सेवादल तथा साध-संगत के सैकड़ों श्रद्धालुओं द्वारा ड्रेन पासिंग, अलोइंग साइड, टीडीआई एरिया, गांव बलियाली से सटे टीडीआई सिटी सेक्टर 74-ए क्षेत्र से होकर गुजर रहे नाले की व्यापक सफाई की गई। इस दौरान एकत्र किए गए कूड़े, गंदगी एवं प्लास्टिक लिफाफों का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित ढंग से निपटान किया गया।
चंडीगढ़ ज़ोन के ज़ोनल इंचार्ज श्री ओ.पी. निरंकारी जी ने जानकारी देते हुए बताया कि चंडीगढ़ ज़ोन की 8 से 10 शाखाओं में जल स्रोतों की सफाई की गई, जबकि अन्य शाखाओं में निरंकारी सत्संग भवनों एवं उनके आसपास के क्षेत्रों की स्वच्छता सुनिश्चित की गई।
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के मार्गदर्शन में “स्वच्छ जल, स्वच्छ मन” अभियान का चौथा चरण अत्यंत व्यापक और प्रेरणादायक रूप से आयोजित किया गया, जो भारत के 25 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 930 शहरों में 1,600 से अधिक स्थानों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस महाअभियान में लगभग 12 लाख स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी की।
संत निरंकारी मिशन की सामाजिक शाखा संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के संरक्षण में आयोजित प्रोजेक्ट अमृत, बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की शिक्षाओं से प्रेरित है। यह परियोजना मानवता को प्रकृति के प्रति संवेदनशील और उत्तरदायी बनाने का सशक्त माध्यम है।
दिल्ली के बुराड़ी चौक ग्राउंड नंबर 8 में आयोजित विशेष सत्संग कार्यक्रम के दौरान अपने प्रेरणादायी प्रवचन में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने कहा कि बाबा जी की शिक्षाएँ केवल स्मरण करने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में उतारने के लिए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सच्ची श्रद्धांजलि शब्दों से नहीं, बल्कि कर्मों से दी जाती है। यदि हम स्वयं को उनके अनुयायी कहते हैं, तो हमें आत्ममंथन करना चाहिए कि क्या हम वास्तव में प्रेम, सेवा, करुणा और समानता जैसे मानवीय गुणों को अपने जीवन में अपनाते हैं।
बाबा हरदेव सिंह जी महाराज का संपूर्ण जीवन मानवता की सेवा के लिए समर्पित था। उन्होंने सिखाया कि सेवा, ध्यान और सत्संग ही जीवन की सच्ची आधारशिला हैं। भक्ति केवल शब्दों तक सीमित न होकर आचरण में दिखाई देनी चाहिए — यही उनका स्पष्ट संदेश था।
इसी सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए मिशन द्वारा “संत निरंकारी स्वस्थ शहर” जैसे मानवतावादी सेवा प्रकल्प विकसित किए जा रहे हैं। यह पहल केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार नहीं, बल्कि करुणा और समर्पण की जीवंत मिसाल है।
जिस प्रकार आध्यात्मिक ज्ञान आत्मा को शांति देता है, उसी प्रकार ये स्वास्थ्य सेवाएँ समाज के प्रत्येक वर्ग को शारीरिक राहत एवं सशक्त जीवन प्रदान करने का माध्यम बनेंगी। उल्लेखनीय है कि संत निरंकारी मिशन समय-समय पर विभिन्न सामाजिक एवं पर्यावरणीय परियोजनाओं में निरंतर सक्रिय योगदान देता आ रहा है।
निस्संदेह, “स्वच्छ जल, स्वच्छ मन” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन है, जो जल स्रोतों की शुद्धता के साथ-साथ मानव मन की चेतना को भी प्रकाशित करता है। यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए एक संतुलित, सुरक्षित एवं सतत भविष्य की मजबूत नींव रखता है।
इस अवसर पर संत निरंकारी भवन ब्रांच टीडीआई के मुखी श्री गुरप्रताप सिंह जी एवं संत निरंकारी भवन ब्रांच मोहाली फेज-6 के इंचार्ज श्री गुलशन लुथरा जी ने अभियान में भाग लेने वाले सभी सेवादल सदस्यों एवं संगतों का हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया।
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