हमारी सरकार की नीयत साफ है, हम जनता का पैसा जनता को ही लौटा रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

कल्याण केसरी न्यूज़, नकोदर, 28 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि 1 नवंबर को महिलाओं के मोबाइल फोन पर एक बार फिर ‘टूं-टूं’ के संदेश गूंजेंगे, क्योंकि उनकी सरकार पहली नवंबर को ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ की अगली किस्त जारी करने जा रही है। उन्होंने जनता का पैसा सीधे जनता तक पहुंचाने के अपनी सरकार के संकल्प को दोहराया।
जालंधर जिले के नकोदर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव सरींह में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने जनता के पैसे से अपने खजाने भरे और अब भाजपा, अकाली दल तथा कांग्रेस के नेता उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई जनहितैषी योजनाओं को बंद करने की धमकियां दे रहे हैं।
अपनी सरकार का रिकॉर्ड प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि साढ़े चार वर्षों के दौरान पूरी तरह मेरिट के आधार पर 70,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं और अब गरीब परिवारों के बच्चे भी डॉक्टर तथा इंजीनियर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही सरकार की असली ताकत है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन के माध्यम से पंजाब को फिर से ‘रंगला पंजाब’ बनाने के अपने संकल्प को दोहराया।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा: “जालंधर जिले के विधानसभा क्षेत्र नकोदर के गांव सरींह में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित किया। लोगों का हम पर विश्वास और प्यार ही हमारी असली ताकत है। विरोधी दलों की पिछली सरकारों ने केवल जनता को लूटा, लेकिन हमारी सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना और लोगों को भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन देना है।
हम शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं, ताकि आम परिवारों के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ें और बड़े अधिकारी बन सकें। पंजाबवासियों से किए गए वादे के अनुसार हम ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।”
बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति वाली ‘लोक मिलनी’ सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की माताओं-बहनों के कल्याण, आत्मसम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया।
उन्होंने कहा, “हमारी नीयत बिल्कुल साफ है और हमारी नीतियां कल्याणकारी तथा विकासोन्मुखी प्रयासों के माध्यम से जनता का पैसा जनता को लौटाने के उद्देश्य से बनाई गई हैं। पिछली सरकारों ने अपने निजी हितों को पूरा करने के लिए सार्वजनिक संसाधनों की लूट की, जबकि हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सरकारी सुविधाओं का लाभ आम परिवारों तक पहुंचे।”
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, “हमारा मानना है कि जनता का पैसा जनता का ही है और इसे उनकी भलाई के लिए ही खर्च किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को प्रदेश की माताओं-बहनों के मोबाइल फोन पर एक बार फिर सम्मान राशि के संदेश प्राप्त होंगे, क्योंकि उनका सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता हमारी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने कहा कि हम किसी पर कोई एहसान नहीं कर रहे, बल्कि पंजाब के लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।”
भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ये पार्टियां आम परिवारों को राहत देने वाली इन पहलों की सराहना करने के बजाय कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने की धमकियां दे रही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग उन्हें मिल रहे इन लाभों से वंचित करने के प्रयासों को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। कांग्रेस और भाजपा मुझे मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाने के एकमात्र उद्देश्य से फ्रेंडली मैच खेल रही हैं।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “इन दोनों पार्टियों द्वारा एक-दूसरे की आलोचना नहीं करना उनकी आंतरिक राजनीतिक मिलीभगत को उजागर करता है और आम लोगों के सशक्तीकरण के प्रति उनकी बेचैनी को दर्शाता है, क्योंकि उनकी समस्या केवल भगवंत सिंह मान नहीं हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा, “इन पार्टियों की असली परेशानी आम आदमी का उभार है, क्योंकि वे इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि एक साधारण परिवार का व्यक्ति मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर समाज के हर वर्ग के लिए दिन-रात काम कर रहा है। वे मुझे इसलिए हटाना चाहते हैं, क्योंकि हमारी सरकार ने उस पुरानी व्यवस्था को चुनौती दी है, जिसमें राजनीतिक शक्ति केवल कुछ प्रभावशाली परिवारों के हाथों में सिमटी हुई थी।”
‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों का धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “लोगों का प्यार और विश्वास पंजाब की सेवा और अधिक समर्पण के साथ करने के मेरे संकल्प को मजबूत करता है। मैं विशेष रूप से उन माताओं-बहनों का स्वागत करता हूं, जो अपने रोजमर्रा के घरेलू कामकाज छोड़कर इस सभा में पहुंची हैं। मुझसे मिलने के लिए उठाया गया उनका हर कदम मुझे हौसला देता है और आपके लिए और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा देता है। मैं लोगों का हूं और हमेशा उनकी भलाई के लिए प्रतिबद्ध रहूंगा।”
2027 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “लोगों का यह भारी उत्साह हमारी सरकार के कामों के प्रति उनके विश्वास और पंजाब के भविष्य के लिए उनकी उम्मीदों को दर्शाता है। लोग अपना फैसला अपने वोट की ताकत से सुनाएंगे।”
रोजगार के क्षेत्र में सरकार के रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया, “साढ़े चार साल से अधिक समय में हमने युवाओं को बिना किसी पक्षपात और पूरी तरह मेरिट के आधार पर 70,862 सरकारी नौकरियां दी हैं। हमने सिफारिश और भ्रष्टाचार की संस्कृति को पारदर्शिता तथा समान अवसरों में बदलने का प्रयास किया है, जिसके परिणामस्वरूप आज आम परिवारों के योग्य उम्मीदवार सरकारी नौकरियां हासिल कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देते हुए कहा, “युवा झूठे वादों के नहीं, बल्कि अवसरों के हकदार हैं। हमने यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया है कि हर भर्ती में पैसे, प्रभाव या राजनीतिक पहुंच के बजाय केवल योग्यता को आधार बनाया जाए।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “हर योग्य युवा को यह विश्वास होना चाहिए कि ताकतवर लोगों से नजदीकी नहीं, बल्कि उसकी मेहनत ही उसके भविष्य का फैसला करेगी। हमारे शिक्षा सुधार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के सपनों और भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं।
जब मैंने 2022 में पद की शपथ ली थी, तब शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब 27वें स्थान पर था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कराए गए हालिया मूल्यांकन के अनुसार प्रदेश ने प्राथमिक शिक्षा में पहला स्थान हासिल किया है। यह हमारी सरकार द्वारा किए गए बड़े शिक्षा सुधारों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “शिक्षकों के शिक्षण कौशल को निखारने और बेहतर शैक्षणिक तरीकों को अपनाने के लिए उन्हें फिनलैंड, सिंगापुर और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भेजा जा रहा है। ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उचित अवसर प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केवल लाल कार्ड या नीले कार्ड किसी परिवार को गरीबी से बाहर नहीं निकाल सकते, बल्कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो पीढ़ियों की तकदीर बदल सकती है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “जब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलती है, तो उनमें अपने पैरों पर खड़े होने और अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य बनाने की क्षमता विकसित होती है। नीट के परिणाम इस बदलाव की गवाही देते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के कुल 882 विद्यार्थियों ने यह परीक्षा पास की है, जबकि 2021 में यह संख्या केवल 80 थी। इस संख्या में लगभग 11 गुना वृद्धि सरकारी शिक्षा प्रणाली की मजबूती को दर्शाती है।”
उन्होंने जोर देकर कहा, “आज रिक्शा चालकों, छोटे दुकानदारों और रेहड़ी लगाने वालों के बच्चे नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाएं पास कर रहे हैं। इससे पहले गरीब विद्यार्थियों के लिए डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता था।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “अब साधारण पृष्ठभूमि के बच्चे यह साबित कर रहे हैं कि प्रतिभा केवल अमीरों की जागीर नहीं है। यही वह वास्तविक बदलाव है, जिसे हम पंजाब में लाना चाहते थे।
पंजाब के लगभग 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली योजना का लाभ मिल रहा है, जिससे बढ़ते घरेलू खर्चों से जूझ रहे परिवारों को बड़ी राहत मिली है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सरकारी खजाने का उपयोग राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों के हितों को पूरा करने के बजाय सीधे आम नागरिकों के कल्याण के लिए हो।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “जब किसी परिवार को शून्य बिजली बिल मिलता है, तो बिजली पर खर्च होने वाला पैसा बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों या अन्य जरूरी जरूरतों पर खर्च किया जा सकता है। एक साधारण परिवार के लिए यह राहत बहुत बड़ा बदलाव लाती है। हमारी सरकार का मानना है कि विकास का आकलन इस बात से किया जाना चाहिए कि उससे लोगों के दैनिक जीवन में कितना सुधार आया है।”
मुख्यमंत्री ने उन पात्र परिवारों से भी अपने स्वास्थ्य कार्ड बनवाने की अपील की, जिन्होंने अभी तक ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत पंजीकरण नहीं कराया है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 54 लाख परिवारों के स्वास्थ्य कार्ड बनाए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, “सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी कभी भी किसी परिवार के इलाज में बाधा न बने। किसी भी माता-पिता को अपने बच्चे के इलाज के खर्च की चिंता न करनी पड़े। हमारा लक्ष्य है कि स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मान हर घर तक पहुंचे।”
पंजाब की अर्थव्यवस्था में कृषि के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “हमारी सरकार नहरों और पाइपलाइनों के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए सिंचाई ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है। लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई गई हैं और सिंचाई नेटवर्क के माध्यम से खेतों तक 18,000 क्यूसेक पानी पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नहरी सिंचाई तक अधिक से अधिक पहुंच होने से भूजल पर निर्भरता कम होगी और किसानों को पानी की निर्बाध आपूर्ति मिल सकेगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के किसानों ने अपने खून-पसीने और कड़ी मेहनत से देश का पेट भरा है। वे ऐसी सरकार के हकदार हैं, जो उनके साथ मजबूती से खड़ी रहे। हमारी सरकार खेतों तक पानी पहुंचाने और प्रदेश के सिंचाई ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि किसानों को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सके।”
मुख्यमंत्री ने पंजाब के जल हितों की रक्षा करने में विफल रहने के लिए पिछली सरकारों की भी आलोचना की और कहा, “प्रदेश के जायज संसाधनों की रक्षा करना हमेशा से हमारी प्रमुख प्राथमिकता रही है।”
अकाली नेतृत्व पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जो कभी पंजाब पर 25 साल तक शासन करने के दावे करते थे, आज उन्हें लोगों का समर्थन जुटाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।”
मुख्यमंत्री ने अकाली दल के बदलते राजनीतिक रुख की आलोचना की और भाजपा को किसान-विरोधी करार देने के बाद अब उसी पार्टी के साथ फिर से गठबंधन करने के प्रयासों पर सवाल उठाए। उन्होंने पूर्व राजनीतिक नेताओं द्वारा सार्वजनिक संसाधनों और आर्थिक अवसरों को शक्तिशाली लोगों के हाथों में सौंपने की भी कड़ी निंदा की।
उन्होंने आगे कहा, “पंजाब के लोग जवाबदेह शासन, पारदर्शी प्रशासन और आम नागरिकों के लिए अवसर चाहते हैं, न कि पुरानी राजनीतिक व्यवस्था की वापसी। पंजाब के लोगों ने ऐसी कई सरकारें देखी हैं, जिन्होंने केवल अपने हितों के लिए काम किया। आज लोग ऐसी सरकार चाहते हैं, जो उनकी समस्याओं को समझे, क्योंकि यह सरकार आम लोगों के बीच से चुनकर आई है।”
कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “विपक्षी पार्टियां पंजाब के लिए विश्वसनीय एजेंडा पेश करने के बजाय राजनीतिक जोड़-तोड़ और नेतृत्व की खींचतान में अधिक उलझी हुई हैं।”
मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा, “मेरी साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि ने मुझे आम परिवारों, विशेषकर गांवों में रहने वाले उन लोगों की चुनौतियों को समझने योग्य बनाया है, जो अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष करते हैं। मैंने एक सामान्य जीवन बिताया है, खेतों में काम किया है और ग्रामीण पंजाब की वास्तविकताओं को करीब से महसूस किया है।
मैं जानता हूं कि एक परिवार के लिए अपने बच्चों को पढ़ाने और रोजमर्रा के खर्च पूरे करने के लिए संघर्ष करने का क्या अर्थ होता है। शायद यही बात उन लोगों को परेशान करती है, जो यह बर्दाश्त नहीं कर सकते कि एक आम इंसान मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गया है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों का प्यार, माताओं-बहनों का आशीर्वाद और आम परिवारों के घरों में लौट रही खुशियां तथा रौनक ही मेरी शक्ति का सबसे बड़ा स्रोत हैं।
मेरी सरकार और विपक्ष के बीच जनकल्याण को लेकर अंतर हमारे दृष्टिकोण से स्पष्ट दिखाई देता है। एक तरफ पंजाब के लोगों का प्यार है, जो मुझे आशीर्वाद देते हैं और मुझ पर भरोसा करते हैं। दूसरी तरफ वे लोग हैं, जिन्होंने बार-बार राजनीतिक शक्ति और निजी हितों को प्राथमिकता दी है।”
मुख्यमंत्री ने दावा किया, “मैं उन लोगों के साथ खड़ा रहूंगा, जिन्होंने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी है और उनके विश्वास पर खरा उतरने के लिए हर दिन काम करूंगा।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया, “हमारी सरकार महिला सशक्तीकरण, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, सस्ती बिजली और सिंचाई पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी। पंजाब का भविष्य यहां के लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप बनाया जाना चाहिए।
मुझे पूरा विश्वास है कि लोग राजनीतिक बयानबाजी या आम नागरिकों के लिए काम करने वाली सरकार को गिराने के प्रयासों के बजाय राजनीतिक पार्टियों के काम और पंजाब के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के आधार पर ही अपना फैसला करेंगे।”

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