डी.सी.पी. ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशनों की निगरानी की, पुलिस कमिश्नर ने अन्नगढ़ में लोगों से सीधा संवाद कर लिया फीडबैक

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 31 अक्टूबर 2026: पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही मुहिम ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ के तहत पुलिस कमिश्नर अमृतसर श्री हरमनबीर सिंह गिल, आई.पी.एस. के निर्देशों के अनुसार कमिश्नरेट पुलिस द्वारा शहर के विभिन्न ड्रग हॉटस्पॉट और संवेदनशील इलाकों में बड़े स्तर पर विशेष कॉसो (कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन) चलाया गया।
इस ऑपरेशन के दौरान कमिश्नरेट पुलिस के सभी 05 डी.सी.पी. स्वयं विभिन्न हॉटस्पॉट इलाकों में पहुंचे और सर्च ऑपरेशन तथा चेकिंग की निगरानी की। इस अभियान में 08 ए.डी.सी.पी., 10 ए.सी.पी., एस.एच.ओ., पुलिस चौकी इंचार्ज, विभिन्न यूनिटों तथा 430 पुलिसकर्मियों की भारी फोर्स ने भाग लिया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नशा तस्करी और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकने के साथ-साथ हॉटस्पॉट इलाकों में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।

हॉटस्पॉट इलाकों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए विशेष प्रयास
ऑपरेशन के दौरान पुलिस द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन वाले संभावित स्थानों की पहचान कर उनमें सुधार लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। जिन इलाकों में सी.सी.टी.वी. कैमरों की कमी है या निगरानी व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, उनकी पहचान करके वहां कैमरे लगवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके अलावा, कम रोशनी वाली गलियों और सड़कों की पहचान करके नई स्ट्रीट लाइटें लगवाने तथा खराब लाइटों की मरम्मत करवाने के लिए भी योजना तैयार की गई है, ताकि रात के समय सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
नशा तस्करों की गैर-कानूनी संपत्तियों की भी की जा रही पहचान
नशा तस्करी से जुड़े व्यक्तियों द्वारा गैर-कानूनी तरीके से बनाई या हासिल की गई संपत्तियों की भी पहचान की जा रही है। ऐसी संपत्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार संबंधित विभागों के साथ तालमेल करके आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
युवाओं को खेलों से जोड़ने और बुनियादी सुविधाओं में सुधार पर भी जोर
इस अभियान का उद्देश्य केवल नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि हॉटस्पॉट इलाकों के निवासियों को बेहतर वातावरण और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना भी है।
इसके तहत इलाकों में खाली पड़ी जगहों की साफ-सफाई करवाकर उन्हें खेल गतिविधियों के लिए उपयोग में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए वॉलीबॉल आदि खेलों का सामान उपलब्ध करवाने और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इसके साथ ही गलियों-नालियों, स्ट्रीट लाइटों और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित समस्याओं की पहचान करके उनके समाधान के लिए नगर निगम तथा अन्य सिविल विभागों के अधिकारियों के साथ तालमेल किया जा रहा है।

पुलिस कमिश्नर ने विभिन्न ड्रग हॉटस्पॉट इलाकों में पहुंचकर लोगों से किया सीधा संवाद
इस विशेष अभियान के तहत पुलिस कमिश्नर अमृतसर श्री हरमनबीर सिंह गिल, आई.पी.एस. स्वयं ड्रग हॉटस्पॉट इलाकों में पहुंचे और स्थानीय निवासियों के साथ विशेष बैठक करके उनकी समस्याएं, सुझाव तथा पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में फीडबैक लिया।
इस मौके पर क्षेत्रवासियों ने बताया कि पुलिस द्वारा की जा रही लगातार कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप उनके इलाके में नशे की समस्या में लगभग 95 प्रतिशत तक कमी आई है।
पुलिस कमिश्नर ने लोगों के इस फीडबैक को सुनते हुए नशों के पूर्ण खात्मे के लिए जनता से पुलिस का सहयोग लगातार जारी रखने की अपील की।
नशे की लत का शिकार युवाओं को मुफ्त इलाज उपलब्ध करवाने में पुलिस करेगी सहयोग
पुलिस कमिश्नर ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि यदि उनके ध्यान में कोई ऐसा युवा है जो नशे की लत का शिकार है, तो उसे नशा मुक्ति उपचार दिलवाने के लिए पुलिस के ध्यान में लाया जाए।
इस संबंध में वे अपने स्थानीय एस.एच.ओ., पुलिस चौकी इंचार्ज, ए.सी.पी. या ए.डी.सी.पी. से संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि कोई परिवार किसी कारणवश पुलिस अधिकारियों तक पहुंचने में असमर्थ है, तो वह पुलिस को सूचित कर सकता है। पुलिस स्वयं उस परिवार और युवा से संपर्क करके उसका मुफ्त नशा मुक्ति केंद्र में इलाज करवाने के लिए पूरा सहयोग करेगी।
पुलिस कर्मचारियों की कार्यप्रणाली के बारे में लोगों से लिया फीडबैक
इस बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर द्वारा लोगों से पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में खुलकर फीडबैक लिया गया। साथ ही यह भी जानने का प्रयास किया गया कि कहीं किसी पुलिस कर्मचारी की नशा तस्करों के साथ कोई मिलीभगत तो नहीं है।
लोगों से अपील की गई कि यदि उनके पास किसी भी पुलिस कर्मचारी की नशा तस्करों के साथ मिलीभगत से संबंधित कोई जानकारी या शिकायत है, तो वे बिना किसी झिझक के सीधे पुलिस के ध्यान में लाएं।
ऐसी किसी भी शिकायत की जांच करके संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सभी डी.सी.पी. ने विभिन्न हॉटस्पॉट इलाकों में स्वयं पहुंचकर की निगरानी
इस विशेष कॉसो ऑपरेशन के दौरान कमिश्नरेट पुलिस के सभी डी.सी.पी. विभिन्न इलाकों में स्वयं मौजूद रहे और सर्च तथा चेकिंग अभियान की निगरानी की।
- श्रीमती आकर्षी जैन, डी.सी.पी. स्थानीय, अमृतसर: थाना सी-डिवीजन के गुज्जरपुरा इलाके में ऑपरेशन की निगरानी की गई।
- श्री प्रभजोत सिंह विर्क, डी.सी.पी. इन्वेस्टिगेशन: थाना मकबूलपुरा के मकबूलपुरा इलाके में ऑपरेशन की निगरानी की गई।
- श्री जसकिरनजीत सिंह, डी.सी.पी. सिटी: थाना कैंटोनमेंट के ग्वालमंडी और गुमटाला इलाकों में ऑपरेशन की निगरानी की गई।
- श्री रविंदरपाल सिंह संधू, डी.सी.पी. लॉ एंड ऑर्डर: थाना गेट हकीमां के अन्नगढ़ इलाके में ऑपरेशन की निगरानी की गई।
- श्री जगराज सिंह क्लेर, डी.सी.पी. ऑपरेशंस: थाना मजीठा रोड के करमपुरा और फैजपुरा इलाकों में स्वयं पहुंचकर CASO ऑपरेशन की निगरानी की गई।
नशा मुक्त समाज के लिए पुलिस और जनता के संयुक्त प्रयास जरूरी
कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर द्वारा क्षेत्रवासियों को भरोसा दिलाया गया कि नशा तस्करी और गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
इसके साथ ही हॉटस्पॉट इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, बुनियादी सुविधाओं में सुधार लाने और युवाओं को खेलों तथा स्वस्थ गतिविधियों से जोड़ने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे।
पुलिस ने उम्मीद जताई कि क्षेत्रवासियों के सक्रिय सहयोग और पुलिस के लगातार प्रयासों से अन्नगढ़ सहित शहर के सभी ड्रग हॉटस्पॉट इलाकों को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा।
कॉसो ऑपरेशन के दौरान 13 मुकदमे दर्ज
कॉसो ऑपरेशन के दौरान एन.डी.पी.एस. एक्ट तथा अन्य धाराओं के तहत कुल 13 मुकदमे दर्ज किए गए।

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