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गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी की गोल्डन जुबली कॉनवोकेशन के अवसर पर राजा रणधीर सिंह और डा. गुरतेज सिंह संधू ऑनरेरी डिग्रीयों से सम्मानित

तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा द्वारा शोधकर्ताओं-विद्यार्थियों को डिग्रीयाँ प्रदान

कल्याण केसरी न्यूज़ अमृतसर: आज गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी की गोल्डन जुबली कॉनवोकेशन के अवसर पर यूनिवर्सिटी द्वारा प्रसिद्ध विद्वान और खिलाड़ी राजा रणधीर सिंह, लाईफ़ टाईम वाइस प्रैज़ीडैंट ऑफ ओलम्पिक कौंसिल ऑफ एशिया और डा. गुरतेज सिंह संधू, सीनियर फैलो एंड वाइस प्रैज़ीडैंट माइक्रोन टैकनॉलॉजी को उनके द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में दिए गए अहम योगदान स्वरूप ऑनरज़ काज़ा डिग्रीयों से सम्मानित किया। उच्च शिक्षा मंत्री स. तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा द्वारा उक्त दोनों शख्सियतों के अलावा विद्यार्थियों को डिग्रीयों से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी, स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा, स. सुखबिन्दर सिंह सरकारिया, मैंबर पार्लियामेंट स. गुरजीत सिंह औजला, डा. राजकुमार वेरका और श्री सुनील दत्ती, डा. धर्मवीर अग्निहोत्री, हरप्रताप सिंह अजनाला, तरसेम सिंह डीसी (सभी विधायक), इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट के चेयरमैन दिनेश बसी, डिप्टी मेयर रमन बख्शी, कांग्रेस ग्रामीण जि़ला प्रधान भगवंतपाल सिंह सच्चर के अलावा बड़ी संख्या में प्रमुख शख्सियतें उपस्थित थीं।  स. बाजवा ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के 500वें प्रकाश पर्व को समर्पित स्थापित की गई यह यूनिवर्सिटी अब गुरू जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर अपनी गोल्डन जुबली भी मनाने जा रही है। उन्होंने गुरू नानक देव जी के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हुए कहा कि जिस उद्देश्य के साथ यह यूनिवर्सिटी स्थापित की गई थी, वह कार्य यूनिवर्सिटी बखूबी निभा रही है और बहुत गर्व की बात है कि यह यूनीवर्सिटी आज देश की चोटी की यूनिवर्सिटियों में शामिल है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सम्बन्धी गुरू जी का उपदेश था कि इसका मूल मनोरथ मानव को ज्ञानवान बनाते हुए मानवता की भलाई करना है। शिक्षा के ज़रिये ही नफऱत, सम्प्रदायिकता और कट्टरवाद जैसे नकारात्मक रूझानों का ख़ात्मा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा गुणवत्ता भरपूर मानवीय स्रोत का अहम साधन है। यह ऐसी शक्ति है जिससे बेहतर, सेहतमंद और रचनात्मक समाज का निर्माण किया जा सकता है।

इसलिए यह ज़रूरी है कि हम अपने विद्यार्थियों के लिए विधिवत् ढंग से ऐसी शिक्षा की व्यवस्था करें जो उनमें रोजग़ार हुनर पैदा करने के साथ-साथ उनको सही फ़ैसला लेने के योग्य बनाते हुए अच्छे मनुष्य बनाए। उन्होंने डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों-खोजकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्र में और मेहनत करें और कामयाब हों परन्तु अपना पृष्टभूमि कभी न भूलें क्योंकि जो अपनी पृष्टभूमि भूल जाते हैं उनकी कामयाबी भी अधूरी रहती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अंदर अच्छाई और इच्छा शक्ति को और दृढ़ करने के लिए कहा। राजा रणधीर सिंह ने कहा कि उनको आज गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी द्वारा जो मान-सम्मान मिला है वह मेरे लिए बहुत ख़ुशी की बात है। उन्होंने कहा कि ऐसे मान और सम्मान आपकी मेहनत पर आधारित होते हैं इसलिए विद्यार्थियों को सलाह दी कि वह अपने कार्य को आत्मविश्वास, लगन और दृढ़ निश्चय के साथ करते हुए किसी का बुरा न करते हुए अपनी यूनिवर्सिटी का नाम रौशन करें। बताने योग्य है कि राजा रणधीर सिंह खेल के क्षेत्र में डाले गए योगदान के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अहम अवॉर्डों से सम्मानित किये जा चुके हैं, जिनमें अर्जुन अवार्ड, महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड, ओलंपिक कौंसिल द्वारा मेरिट अवार्ड, नेशनल ओलंपिक कमेटी द्वारा मेरिट अवार्ड, लक्ष्मी बाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन द्वारा ऑनरेरी डॉक्टरेट और ओलंपिक अवार्ड प्राप्त कर चुके हैं। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी होने के साथ-साथ इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के ऑनरेरी सैक्ट्री जनरल, स्पोर्टस अथॉरिटी ऑफ इंडिया की गवर्निंग बॉडी के मैंबर, ओलंपिक कौंसिल ऑफ एशिया के सैक्ट्री जनरल, एसोसिएशन ऑफ नेशनल ओलंपिक कमेटी की कार्यकारी कौंसिल के मैंबर, वाडा के मैंबर रहे चुके हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी के 14 साल मैंबर भी रहे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा यूनिवर्सिटी ऑफ टैक्नॉलॉजी और यूजीसी फेकल्टी डिवैल्पमैंट सैंटर का डिजिटल उद्घाटन भी किया गया। इसके अलावा गुरू नानक देव गोल्डन जुबली कनवैन्शन सैंटर, स्कूल ऑफ एजुकेशन और फेकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर बिल्डिंग के नींव पत्थर रखे गए।

इससे पहले वाइस-चांसलर प्रोफ़ैसर जसपाल सिंह संधू ने माननीय मंत्री और कॉनवोकेशन में भाग लेने वाली अन्य प्रमुख शख्सियतों का स्वागत किया और यूनिवर्सिटी की प्राप्तियों बारे जानकारी दी। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. करनजीत सिंह काहलों ने इस अवसर पर मंच का संचालन किया जबकि डीन, अकादमिक मामले, प्रो. एस.एस. बहल ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। यह कॉनवोकेशन यूनिवर्सिटी के दशमेश ऑडीटोरियम में करवाई गई। इस अवस पर पवित्र और ऐतिहासिक शहर, श्री अमृतसर और गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी संबंधी एक विशेष ‘कॉफी टेबल बुक’ को विशेष मेहमानों द्वारा जारी किया गया।

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