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खालसा कालेज गवर्निंग कौंसिल ने खालसा कालेज के पूर्व प्रिंसिपल शेरगिल के निधन पर दुख का इजहार किया

कल्याण केसरी न्यूज़ अमृतसर,19 अगस्त : (राहुल सोनी) शिक्षा क्षेत्र में प्रसिद्ध शख्सियत व खालसा कालेज के पूर्व प्रिंसिपल गुरबख्श सिंह शेरगिल का आज सुबह करीब दो बजे निधन हो जाने पर खालसा कालेज गवर्निंग कौंसिल की ओर से दुख का इजहार किया गया। शेरगिल जिन्होंने 15 साल खालसा कालेज में प्रिंसिपल के रूप में अपनी सेवा निभाई ने अपने विद्यार्थी जीवन काल के समय आजादी के संघर्ष में योगदान दिया। इसके बाद सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन के प्रधान भी रहे।

इस अवसर पर दिल्ली से जारी अपने संदेश में कौंसिल के प्रधान सत्यजीत सिंह मजीठिया ने प्रिंसिपल गुरबख्श सिंह शेरगिल के निधन पर गहरे दुख का इजहार किया। इस दौरान कौंसिल के आनरेरी सचिव राजिंदर मोहन सिंह छीना ने शेरगिल के निधन पर गहरे दुख का इजहार करते हुए बिछड़ी आत्मा की आत्मिक शांति की अरदास की। उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल शेरगिल ने अपने जीवनकाल में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज करवा कर शिक्षा के क्षेत्र में महान प्रसिद्ध अर्जित की थी। उन्होंने कहा कि खालसा कालेज में अपने प्रिंसिपल कार्यकाल के दौरान शेरगिल ने काबलियत भरपूर इंजीनियर व डाक्टर समाज सेवा के लिए देश को दिए। उन्होंने कहा कि शेरगिल के निधन से शिक्षा जगत में न पूरे होने वाला घाटा पड़ा है।

छीना ने कहा कि प्रिंसिपल गुरबख्श सिंह ने एक बहुत ही सूझवान, ईमानदार व गुणवान इंसान थे। जिनकी खालसा कालेज को महान देन है। उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल हरबंस सिंह से वर्ष 1975 से चार्ज हासिल करने के बाद शेरगिल ने 1990 तक प्रिसंिपल के पद के रूप में 15 साल कालेज में सेवा निभाई। उनके कार्यकाल के समय अधिकतर संख्या पर विद्यार्थी मेरिट में अपना नाम दर्ज करवाते थे।

छीना ने कहा कि शेरगिल ने अपने कार्यकाल के समय टापर आने वाले विद्यार्थियों के लिए दो घंटे मुफ्त प्री मेडिकल की कक्षाओं की शुरूआत की व प्रसिद्ध इंजीनियर व डाक्टर देश की झोली में डाले। उन्होंने कहा कि शेरगिल ने पंजाब में काले दौर के समय के दौरान पढ़ाई में ऐसा इंकलाब लाया कि हड़ताल के बावजूद अधिकतर विद्यार्थी मेरिट लिस्ट में अपना नाम दर्ज करवाने में असफल रहे। उन्होंने कहा कि 92 वर्षीय शेरगिल की कालेज में निभाई गई शानदार सेवाओं को हमेशा याद रखा जाएगा।

इस अवसर पर खालसा कालेज के प्रिंसिपल डा. महल सिंह ने कहा कि शेरगिल एक महान सिख चिंतक थे। उनकी शिक्षा के जगत में प्राप्तियों को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल गुरबख्श सिंह शेरगिल की ओर से खालसा कालेज अमृतसर व सरकारी कालेज लुधियाना से शिक्षा हासिल की थी। उन्होंने कहा कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के भी चेयरमैन रहे व इंटेक पंजाब चेप्टर के चेयरमैन के रूप में सेवा निभाई। उन्होंने कहा कि प्रिसंिपल शेरगिल के निधन से शिक्षा जगत में कभी न पूरे होने वाला घाटा पड़ा है। इस अवसर पर समूह खालसा कालेज के शिक्षण संस्थाओं के स्टाफ की ओर भी दुख का इजहार किया गया।

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