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टीबी मरीजों तक उच्च प्रोटीन आहार घर-घर पहुंचाने के लिए डिप्टी कमिश्नर ने वाहनों को दी हरी झंडी, जिले को बनाया जाएगा टीबी मुक्त

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 2 जनवरी 2025: जिला प्रशासन ने एक और कदम आगे बढ़ाते हुए जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए टीबी रोगियों को उच्च प्रोटीन आहार उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया है। जिसके तहत आज डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने टीबी मरीजों को भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान और स्वास्थ्य मंत्री पंजाब डॉ. बलबीर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत घर-घर स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को मुफ्त दवा, मुफ्त जांच और उनकी जांच की जाती है। लेकिन जिला प्रशासन ने एक और कदम उठाते हुए टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि टीबी का इलाज सिर्फ दवाइयों से नहीं होता, बल्कि स्वस्थ आहार भी जरूरी है, तभी टीबी का मरीज ठीक हो सकता है। उन्होंने कहा कि एक टीबी मरीज का इलाज छह महीने तक चलता है और प्रशासन ने निर्धारित किया है कि प्रत्येक टीबी मरीज को छह महीने तक मुफ्त पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाना चाहिए ताकि जिले को टीबी मुक्त बनाया जा सके।

उन्होंने बताया कि इस समय जिले में लगभग 5000 टीबी के मरीज हैं, जिनमें से 1700 मरीजों को जिला प्रशासन ने गोद लेकर मुफ्त भोजन देना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, रेड क्रॉस और डेरा ब्यास ने इस बात पर सहमति व्यक्त की है कि वे शेष टीबी रोगियों को गोद लेंगे और उन्हें बाद में पोषण प्रदान करेंगे।

सिविल सर्जन डॉ. किरणदीप कौर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग अमृतसर जी जान के साथ मिलकर ‘जन जन का रखो ध्यान, टीबी मुक्त भारत अभियान’ के सपने को साकार करने के लिए काम कर रहा है ताकि जिले को 2025 तक टीबी मुक्त बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को पोषण आहार के साथ-साथ जागरूक करने के लिए पैम्फलेट भी बांटे जा रहे हैं।

इस अवसर पर जिला टीबी अधिकारी डॉ. विजय कुमार ने बताया कि जिले में 11 टीबी यूनिट काम कर रहे हैं तथा 21 माइक्रोस्कोपी सेंटर भी कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों में मरीजों को मुफ्त जांच और मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ये केंद्र हैं सिविल अस्पताल अमृतसर, प्राईमरी हेल्थ सैंटर, गेट खजाना और बेरी गेट, सब डिवीजनल अस्पताल बाबा बकाला साहिब, कम्युनिटी हेल्थ सैंटर लोपोके, मानांवाला, तरसिक्का, मजीठा, वेरका, प्राइमरी हेल्थ सैंटर रामदास, राजासांसी, थ्रीएवाल, कथुनंगल, श्री गुरु रामदास मेडिकल कॉलेज और गुरु नानक देव अस्पताल, सिविल अस्पताल, सैटेलाइट अस्पताल सकत्तरी बाग, बीबी कौलां चैरिटेबल अस्पताल पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिनों का विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत अब तक 60000 लोगों का सर्वेक्षण किया जा चुका है और टीबी के लक्षण पाए गए मरीजों का तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि टीबी का इलाज संभव है, इसे छिपाएं नहीं बल्कि इसका इलाज कराएं।

इस अवसर पर राज्य नोडल अधिकारी डा. जसकीरत सिंह, जिला मास मीडिया अधिकारी अमरदीप सिंह और अन्य स्टाफ उपस्थित थे।

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