अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए नैतिक मूल्यों एवं नैतिकता संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 06 जनवरी 2026: महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान (मैगसिपा), चंडीगढ़ द्वारा अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए नैतिक मूल्यों एवं नैतिकता संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बचत भवन में किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों/कर्मचारियों में ईमानदारी, जिम्मेदारी, पारदर्शिता तथा जनसेवा के मूल सिद्धांतों के प्रति जागरूकता पैदा करना था।
इस प्रशिक्षण सेमिनार में मैगसिपा के क्षेत्रीय परियोजना निदेशक, जालंधर, सरदार प्रीती सिंह द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। सरदार प्रीती सिंह ने कर्मचारियों को कार्यालयीन कार्यप्रणाली, कार्य के दौरान नैतिक आचरण, कार्यकुशलता में सुधार तथा निर्णय लेते समय नैतिक मानदंडों के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने सेमिनार में शामिल अधिकारियों/कर्मचारियों से कहा कि नैतिक मूल्यों का पालन न केवल व्यक्तिगत विकास में सहायक होता है, बल्कि संस्थानों की विश्वसनीयता और कार्यक्षमता में भी वृद्धि करता है।
उन्होंने कहा कि यदि हम सरकारी कार्य नियमों और कानून के अनुसार करते हैं, तो हमारे भीतर नई चेतना का विकास होता है और हम बिना किसी दबाव के अपनी पूरी नौकरी कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे नैतिक निर्णय हमारे कार्य व्यवहार को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं।
सेमिनार को संबोधित करते हुए सिप्ट के पूर्व निदेशक श्री कमलजीत घई ने कहा कि कार्यस्थल पर नैतिकता और पेशेवर व्यवहार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस सेमिनार का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्य और पेशेवरता किसी भी संस्था की सफलता की मजबूत नींव होते हैं।
उन्होंने कहा कि कार्य के दौरान ईमानदारी, जवाबदेही, अनुशासन, टीम वर्क और आपसी सम्मान जैसे प्रमुख विषयों पर अमल करके ही हम अपने कार्यों को सफलतापूर्वक कर सकते हैं। इससे न केवल विश्वास बढ़ता है, बल्कि कार्यस्थल का माहौल भी सकारात्मक बनता है। उन्होंने कहा कि जब हम सरकारी कार्य सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार करते हैं, तो हमें मानसिक संतुष्टि भी प्राप्त होती है। श्री घई ने कहा कि नौकरी के दौरान हमें अपने कार्य बिना किसी भेदभाव और भाई-भतीजावाद से दूर रहकर करने चाहिए।
सेमिनार को संबोधित करते हुए पूर्व उप जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश्वर सलारिया ने कर्मचारियों से कहा कि आपको सरकारी नौकरी में लंबा समय बिताना है और यह आपका कर्तव्य है कि आप सरकारी नियमों की पूरी जानकारी रखें तथा अपने कार्य सामाजिक नियमों के आधार पर करें। उन्होंने कहा कि आपकी पहचान आपके कार्य के आधार पर ही होती है और आपकी कार्यशैली ही आपके प्रभाव को दर्शाती है।
सेमिनार को संबोधित करते हुए पंजाब नेशनल बैंक के पूर्व डिप्टी जोनल मैनेजर श्री के.बी. सिंह ने कहा कि आपका नैतिक आचरण आपके कार्य की परिभाषा को दर्शाता है। यदि हम अपने कार्य पूरे संतोष के साथ करते हैं और समय पर कार्यालय पहुंचते हैं, तो हमारे मन में किसी प्रकार का भय नहीं रहता।
प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। प्रतिभागियों ने इस सेमिनार को लाभकारी बताते हुए भविष्य में ऐसे और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वे अपने कार्यस्थल पर उच्च नैतिक मानकों और पेशेवर व्यवहार को सदैव बनाए रखेंगे।

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