कल्याण केसरी न्यूज़, चंडीगढ़, 06 जनवरी 2026: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को चुनौती देते हुए, कहा है कि वे केवल गिद्दड़बाहा से ही विधानसभा चुनाव लड़ें और वह (वड़िंग) स्वयं उनके खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगे।
वड़िंग ने सुखबीर द्वारा गिद्दड़बाहा से अगला विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए, कहा है कि यदि सुखबीर को इतना ही भरोसा है, तो वह लंबी और जलालाबाद जैसे अन्य हलकों की बजाय केवल गिद्दड़बाहा से ही चुनाव लड़ें।
इसी तरह, वड़िंग ने ज़िला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में अकाली दल की प्रदर्शन को लेकर सुखबीर के भ्रामक दावों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि मुक्तसर और बठिंडा में कुछ सीटों को छोड़कर पूरे राज्य में अकाली दल का सफाया हो गया था। यहां तक कि 11 जिलों में अकाली दल अपना खाता भी नहीं खोल सका था। इसके बावजूद सुखबीर दावा कर रहे हैं कि उनकी पार्टी इन चुनावों में दूसरे नंबर पर रही।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सुखबीर से सवाल किया कि यदि पार्टी का प्रदर्शन इतना शानदार था, तो फिर वे और उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन करने के लिए इतनी उतावली क्यों हैं, जबकि भाजपा रोज़ाना अकालियों की पेशकशों को नकार रही है।
उन्होंने कहा कि अकाली मनरेगा के मुद्दे पर भी पीछे हट गया हैं। संसद में शुरुआत में अकाली दल की एकमात्र सांसद हरसिमरत कौर बादल ने मनरेगा को खत्म करने के विरोध में विपक्षी दलों का साथ दिया था, लेकिन कुछ ही समय बाद भाजपा को नाराज़ करने के डर से पार्टी पीछे हट गई।
वड़िंग ने सुखबीर से पूछा कि क्या वह भाजपा से गठजोड़ को लेकर अपने एजेंडे को स्पष्ट करेंगे, जैसे सज़ा पूरी कर चुके सिख बंदियों की रिहाई, चंडीगढ़ का ट्रांसफर और मनरेगा?
वड़िंग ने ज़ोर देते हुए, कहा कि पंजाब के लोग अकाली दल के शासनकाल के दौरान हुई बेअदबी की घिनौनी घटनाओं को न तो भूले हैं और न ही माफ़ किया है, जिसके लिए सुखबीर ने श्री अकाल तख़्त साहिब के समक्ष माफ़ी भी मांगी थी।
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