
कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 07 जनवरी 2026: डिप्टी कमिश्नर श्री दलविंदरजीत सिंह की अध्यक्षता में तथा पुलिस और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में “नेशनल कोऑर्डिनेशन सेंटर फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट” फ्रेमवर्क को लागू करने और जिले में नशों पर नियंत्रण बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशा तस्करी को रोकने, लोगों को जागरूक करने तथा आम जनता से सहयोग लेने संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
डिप्टी कमिश्नर ने निर्देश दिए कि स्कूलों, कॉलेजों, ईंट भट्टों और फैक्ट्रियों में अधिक से अधिक जागरूकता कैंप लगाए जाएं तथा लोगों को नशों के प्रति सचेत किया जाए। इसके अतिरिक्त नशा करने वाले व्यक्तियों को नशा मुक्ति केंद्रों में लाया जाए, जहां सरकार द्वारा उनका निःशुल्क इलाज किया जाता है।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि नशों के खिलाफ लड़ाई में कानून व्यवस्था, जिला प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा नशे की चपेट में आए लोगों के पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इसके लिए पुलिस के साथ-साथ आम जनता का सहयोग भी अत्यंत आवश्यक है।
डिप्टी कमिश्नर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे स्कूलों में नशे के दुष्प्रभावों संबंधी लगातार जागरूकता फैलाएं तथा प्रतिदिन प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के ड्रग इंस्पेक्टर ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 के दौरान 920 केमिस्ट दुकानों की जांच की गई और 533 सैंपल लिए गए। इस दौरान 164 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए तथा 11 दुकानों के लाइसेंस रद्द किए गए। इस अवधि में 1 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का नशीला सामान जब्त किया गया।
बैठक में डीएसपी ग्रामीण श्री धर्मिंदर कल्याण ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत 1280 मामले दर्ज कर 2069 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान 331.415 किलोग्राम हेरोइन, 11.695 किलोग्राम अफीम, 1 किलोग्राम चूरा पोस्त, 9.576 किलोग्राम आइस ड्रग, 2,15,862 नशीली गोलियां एवं कैप्सूल तथा 68.36 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पुलिस द्वारा लगातार नशा बेचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बैठक के दौरान विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों ने भी जानकारी दी कि वे लगातार नशा तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई कर रहे हैं और बड़ी मात्रा में नशा बरामद किया जा रहा है।
इस अवसर पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारियों ने सीमा पर पेश आने वाली चुनौतियों का उल्लेख करते हुए नशा तस्करी के संबंध में जानकारी दी तथा आश्वासन दिया कि बीएसएफ नशों की बरामदगी के लिए दिन-रात कार्य कर रही है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीमा पार से नई तकनीक के हल्के ड्रोन लगातार आ रहे हैं, लेकिन बीएसएफ जवानों की सतर्कता से इन्हें पकड़ा जा रहा है। डिप्टी कमिश्नर ने बीएसएफ अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रोन के साथ-साथ उन अपराधियों को भी पकड़ा जाए जो सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से नशा मंगवा रहे हैं।
इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर श्री आलम विजय सिंह, एसडीएम अजनाला श्री रविंदर सिंह अरोड़ा, एसडीएम अमृतसर-1 श्री अमनप्रीत सिंह, एसडीएम मजीठा श्री प्रीतइंदर सिंह, एडीसीपी मैडम परमिंदर कौर, सुपरिटेंडेंट कसमट श्री पवन कुमार, एडीसीपी-3 जसरोप कौर बाठ, सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. गुरबिंदर सिंह, डिप्टी कमांडेंट बीएसएफ आलोक कुमार, ड्रग इंस्पेक्टर बबलीन कौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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