नई विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों पर चला पीला पंजा, अमृतसर विकास अथॉरटी, पुड्डा द्वारा की गई कार्रवाई

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 09 जनवरी 2026: पंजाब सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत एडीए के मुख्य प्रशासक नितेश कुमार जैन, आई.ए.एस. तथा अतिरिक्त मुख्य प्रशासक इनायत, पी.सी.एस. द्वारा जारी आदेशों का पालन करते हुए जिला टाउन प्लानर (रेगुलेटरी) गुरसेवक सिंह औलख के नेतृत्व में थाना एयरपोर्ट एवं राजासांसी के पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में एडीए के रेगुलेटरी विंग द्वारा तहसील अमृतसर-2 के गांव हेर तथा तहसील अजनाला के गांव दालम में अमृतसर–अजनाला नेशनल हाईवे पर बन रही अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कॉलोनियों को ध्वस्त किया गया।
रेगुलेटरी विंग द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि भविष्य के विकास को नियंत्रित करने हेतु सरकार के निर्देशों के अनुसार गांव हेर और दालम में विकसित की जा रही नई अवैध कॉलोनियों को पापरा एक्ट-1995 के तहत नोटिस जारी कर कार्य बंद करवाते हुए डिमोलिशन की कार्रवाई की गई है। क्योंकि संबंधित अवैध कॉलोनियों के मालिकों द्वारा सरकार के निर्देशों की अनदेखी करते हुए सरकारी नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था तथा पुड्डा और संबंधित विभागों की मंजूरी के बिना अवैध रूप से कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं।
विंग ने बताया कि गांव दालम में विकसित की जा रही कॉलोनी के संबंध में संबंधित कॉलोनाइज़र द्वारा एडीए कार्यालय में मंजूरी हेतु आवेदन किया गया था, परंतु कॉलोनाइज़र द्वारा आवेदन के साथ प्रस्तुत प्रस्तावित ले-आउट प्लान के क्षेत्रफल से अधिक क्षेत्र में मौके पर विकास कार्य किए जा रहे थे। इसी कारण प्रस्तावित ले-आउट से अधिक क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों को आज मौके पर ध्वस्त कर दिया गया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध कॉलोनी काटने वाले व्यक्ति के विरुद्ध पापरा एक्ट-1995 (संशोधन 2024) के अनुसार 5 से 10 वर्ष की कैद तथा 25 लाख से 5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है। इसी कारण उक्त कॉलोनियों के अंतर्गत आने वाली भूमि के मालिकों एवं कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने हेतु पुलिस विभाग को राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर लिखा जा रहा है।
विभाग द्वारा अब तक कुल 46 अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध डिमोलिशन की कार्रवाई की जा चुकी है, जिनका विवरण आम जनता की जानकारी हेतु अमृतसर विकास प्राधिकरण की वेबसाइट www.adaamritsar.gov.in पर उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त 34 अवैध कॉलोनियां काटने वाले कॉलोनाइज़रों तथा अवैध निर्माण करने वाले बिल्डरों के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करने हेतु पुलिस विभाग को लिखा जा चुका है। साथ ही पापरा एक्ट के आधार पर इन अवैध कॉलोनियों में स्थित प्लॉटों की रजिस्ट्रियां अथवा बिक्री संबंधी किसी भी दस्तावेज को पंजीकृत न करने के संबंध में संबंधित तहसीलदार को तथा किसी भी प्रकार का बिजली कनेक्शन जारी न करने के संबंध में पी.एस.पी.सी.एल. को भी पत्र लिखा जा चुका है।
विंग ने बताया कि समय-समय पर जिला अमृतसर में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों एवं निर्माण कार्यों की मौके पर जांच करते हुए संबंधित अधिनियम के तहत नोटिस जारी कर कार्य बंद करवाया जा रहा है तथा संबंधित थाना अधिकारी को आगे की कानूनी कार्रवाई करने के लिए कहा जा रहा है।
एडीए के रेगुलेटरी विंग ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि वे गैर-कानूनी कॉलोनियों, जो पुड्डा विभाग से स्वीकृत नहीं हैं, उनमें स्थित प्लॉटों की बिक्री संबंधी किसी भी विज्ञापन के अनुसार प्लॉट खरीदने से पहले उस कॉलोनी के लिए पुड्डा द्वारा जारी की गई मंजूरी अवश्य मांगें तथा अमृतसर विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध अवैध कॉलोनियों संबंधी विवरण अवश्य पढ़ लें, ताकि उनके धन की हानि न हो और भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके अतिरिक्त यह भी अपील की गई कि जिले के भीतर किसी भी स्थान पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करने से पहले पुड्डा विभाग से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने के उपरांत ही निर्माण कार्य किया जाए।

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