मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान श्री अकाल तख़्त साहिब में हुए नतमस्तक, जत्थेदार साहिब के समक्ष पेश होकर दिया स्पष्टीकरण


कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 15 जनवरी 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान एक विनम्र सिख के रूप में श्री अकाल तख़्त साहिब के समक्ष नतमस्तक हुए। उन्होंने अपना पूरा दिन सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख़्त साहिब को समर्पित किया। तख़्त साहिब सचिवालय में जत्थेदार साहिब के समक्ष उपस्थित होकर मुख्यमंत्री ने अपने पूर्व बयानों को लेकर विस्तार से स्पष्टीकरण दिया और संस्था की सर्वोच्चता में पूर्ण आस्था व्यक्त की।


पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जत्थेदार साहिब के आदेशों का पालन करते हुए व्यक्तिगत रूप से पेश हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्री अकाल तख़्त साहिब संपूर्ण सिख समुदाय के लिए सर्वोच्च संस्था है और इसके हर निर्णय को वे सिर-माथे स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि इस पावन संस्था की अथॉरिटी को चुनौती देने या कमजोर करने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। जत्थेदार साहिब द्वारा उनका बयान दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई सिंह साहिबानों से विचार-विमर्श के बाद होगी।
मुख्यमंत्री ने श्री अकाल तख़्त साहिब और राज्य सरकार के बीच कथित टकराव की बातों को खारिज करते हुए इसे बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार केवल पंजाब की तरक्की और लोगों की भलाई के लिए काम कर रही है। स्वयं को पंजाब का सेवक बताते हुए उन्होंने कहा कि वे प्रदेश की चढ़दी कला के लिए प्रतिदिन अरदास करते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने जत्थेदार साहिब को 25 से 30 हजार पन्नों की शिकायतें सौंपी हैं, जो शिरोमणि कमेटी के कामकाज से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर लोगों की भावनाओं को दर्शाती हैं। उन्होंने इनकी निष्पक्ष जांच का आग्रह किया।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के लापता सरूपों की जांच के लिए गठित एसआईटी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य केवल पावन सरूपों का पता लगाना है, न कि कोई राजनीतिक लाभ। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस धार्मिक स्थलों की मर्यादा का पूर्ण सम्मान करते हुए कार्य करेगी।

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