कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा ने पंजाब की अंधाधुंध लूट की: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

कल्याण केसरी न्यूज़, अजनाला (अमृतसर), 19 जनवरी 2026: अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्र अजनाला में आज 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सरकारी डिग्री कॉलेज का नींव पत्थर रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा ने दशकों तक आपसी मिलीभगत से पंजाब की अंधाधुंध लूट की, राज्य की संस्थाओं को खोखला किया और युवाओं को रोजगार के अवसरों की तलाश में विदेश जाने के लिए मजबूर किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नया कॉलेज आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की शिक्षा, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और जन-भागीदारी के माध्यम से पंजाब को फिर से रंगला पंजाब बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने घोषणा की कि इस कॉलेज का नाम सम्मानित शख्सियत बाबा गमचुक्क जी महाराज के नाम पर रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां राज्य सरकार हर संभव सुविधा और संस्थागत सहयोग प्रदान करेगी, वहीं हर पंजाबी के लिए अपनी सामर्थ्य के अनुसार योगदान देना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ में बदला जा सके और हमारे बच्चों को बेहतर भविष्य की तलाश में देश छोड़ने के लिए मजबूर न होना पड़े।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन पारंपरिक पार्टियों में आंतरिक कलह चरम पर है क्योंकि इनके पास जनकल्याण के लिए कोई ठोस एजेंडा नहीं है। उन्होंने कहा, “विपक्ष के पास पंजाब के लिए कोई एजेंडा नहीं है। वे केवल लोगों और राज्य के संसाधनों को लूटने की अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे क्योंकि पंजाब के लोग समझदार और बहादुर हैं तथा ऐसे नेताओं के संदिग्ध चरित्र को पहचानते हैं।” उन्होंने कहा कि पंजाबी कभी भी इन ताकतों को अपने नापाक इरादों में सफल नहीं होने देंगे।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अवसरवादी और सत्ता के भूखे नेताओं से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि पारंपरिक पार्टियों का एकमात्र उद्देश्य पंजाब और इसके लोगों की लूट करना है। उन्होंने कहा, “समय की मांग है कि इन पार्टियों को पूरी तरह नकारा जाए, ताकि रंगला पंजाब बनाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ सकें।” मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार नए आम आदमी क्लीनिक, स्कूल और कॉलेज खोलने के साथ-साथ अन्य जनकल्याणकारी पहलों को लागू कर विकास को तेज करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित गांव बकरौर में एक सह-शिक्षा कॉलेज की नींव रखी गई है। उन्होंने कहा, “इस कॉलेज से सीमावर्ती क्षेत्र के युवा अपने घरों के पास उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। 15 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस संस्थान पर 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।” उन्होंने इस परियोजना के लिए भूमि दान करने पर गांव बकरौर की पंचायत और निवासियों का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉलेज से आसपास के 50 गांवों के युवाओं को लाभ होगा और आने वाले वर्षों में 2000 से अधिक विद्यार्थियों के दाखिले की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यहां कला, विज्ञान, वाणिज्य, कंप्यूटर विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल शिक्षा से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कॉलेज खास तौर पर लड़कियों के उज्ज्वल भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
युवाओं की आकांक्षाओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निरंतर सहयोग के माध्यम से उनके सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हमारा ध्यान वर्तमान और भावी पीढ़ियों के कल्याण पर केंद्रित है ताकि पंजाब प्रगति और खुशहाली के रास्ते पर आगे बढ़ सके।”
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कॉलेज के लिए भूमि दान करने वाले गांव के विद्यार्थियों को इस संस्थान में मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि कॉलेज का नाम बाबा गमचुक्क जी महाराज के नाम पर रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “माता-पिता को अपने बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि उन्हें अवसरों की तलाश में विदेश न जाना पड़े।”
प्रवास के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं में निराशा को खत्म करना जरूरी है ताकि रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने इस चुनौती को नजरअंदाज किया, जबकि उनकी सरकार ने केवल योग्यता के आधार पर 63,000 से अधिक युवाओं को स्थायी सरकारी नौकरियां दी हैं।
सीमावर्ती निवासियों की चिंताओं पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार उनके कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने सैद्धांतिक रूप से कांटेदार तार को अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर स्थानांतरित करने की मंजूरी दे दी है, जिससे हजारों एकड़ कृषि भूमि पर बिना बाधा खेती संभव हो सकेगी।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और हरभजन सिंह ई.टी.ओ., वरिष्ठ ‘आप’ नेता एवं पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल सहित अन्य पार्टी नेता और स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भगवंत मान सरकार का सीमावर्ती युवाओं के लिए क्रांतिकारी कदम
बकरौर में सरकारी डिग्री और वोकेशनल प्रशिक्षण कॉलेज की स्थापना कर मान सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों की दशकों पुरानी मांग को पूरा किया है। पहले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए लगभग 40 किलोमीटर दूर अमृतसर जाना पड़ता था, जिससे विशेष रूप से लड़कियों की पढ़ाई बीच में ही छूट जाती थी।
अब 15 एकड़ के परिसर में आसपास के 50 से अधिक गांवों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च और कौशल-आधारित शिक्षा मिलेगी, जिसमें कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल कौशल जैसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शामिल होंगे। यह कॉलेज आधुनिक, विद्यार्थी-केंद्रित और सामाजिक समानता तथा युवा सशक्तिकरण का प्रतीक बनेगा।

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