
कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 20 जनवरी 2026: पंजाब सरकार द्वारा केएमएम किसान मज़दूर मोर्चा के नेताओं और कार्यकर्ताओं की की गई कथित अवैध व अलोकतांत्रिक गिरफ्तारियों तथा जिला संगरूर में धरने की समाप्ति के बाद किसानों-मज़दूरों पर किए गए लाठीचार्ज के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया के उपरांत, 19 जनवरी की शाम डीआईजी अमृतसर बॉर्डर रेंज संदीप गोयल, एसएसपी देहाती सोहेल मीर कासिम तथा किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी और केएमएम की ओर से हरविंदर सिंह मसानियां, लखविंदर सिंह वरियाम नंगल, रणजीत सिंह कलेर बाला और कंवरदीप सैदोलहल के बीच लगभग दो घंटे चली बैठक के बाद नेताओं की रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो गई।
इस दौरान गुरदासपुर, तरनतारन और संगरूर में गिरफ्तार किए गए नेताओं को रात 11 बजे तक रिहा कर दिया गया। हालांकि सरवन सिंह पंधेर तथा उनके साथ दो अन्य नेता—गुरदेव सिंह गग्गो माहल और प्रभजोत सिंह गुजरपुरा—की रिहाई को लेकर सरकार टालमटोल करती रही, जिसके चलते उन्हें रात में रिहा नहीं किया गया। प्रशासन की ओर से सुबह 8 बजे रिहा करने का भरोसा दिया गया, लेकिन इस पर भी सरकार खरी नहीं उतरी।
इसके चलते किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी पंजाब ने किसान मज़दूर मोर्चा की आपात बैठक में तय किए गए एसएसपी दफ्तर संगरूर और अमृतसर में धरनों के कार्यक्रम को लागू करने की कार्रवाई तेज कर दी। इसके बाद बड़ी संख्या में किसान, मज़दूर और महिलाएं गांवों से एसएसपी दफ्तरों की ओर कूच करने लगे। इसी दौरान प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरवन सिंह पंधेर और उनके साथियों को रिहा कर दिया गया है।
इसके पश्चात अमृतसर और संगरूर में बड़ी संख्या में एकत्र हुए किसान-मज़दूरों और महिलाओं ने एसएसपी दफ्तरों पर प्रस्तावित धरनों की जगह विशाल मार्च निकालकर उन्हें विजयी रैली के रूप में संपन्न किया।
रिहाई के बाद सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि दबाव डालने से किसान आंदोलन टूटने वाला नहीं है, बल्कि यह और मजबूत होगा। किसान मज़दूर मोर्चा ने स्पष्ट किया कि न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली तक यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि चाहे भगवंत मान सरकार हो या केंद्र की मोदी सरकार—दोनों जनता के प्रति जवाबदेह हैं और जनता के सवालों से बच नहीं सकतीं।
उन्होंने जनता से मोर्चा द्वारा 21 और 22 जनवरी को प्रीपेड मीटर उतारकर बिजली दफ्तरों में जमा कराने के दिए गए आह्वान को बड़े पैमाने पर सफल बनाने की अपील भी की।
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