नशा, शिक्षा और जर्जर ढांचे पर विस्तार से चर्चा, एयरपोर्ट रोड पर धरना देने वालों पर होगा मामला दर्ज

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 21 जनवरी 2026: अमृतसर के बचत भवन में आज जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की एक बैठक सांसद गुरजीत सिंह औजला की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिले के विकास कार्यों, कानून व्यवस्था और जनसुविधाओं से जुड़े हर छोटे-बड़े मुद्दे पर अधिकारियों के साथ तीखी चर्चा हुई। वहीं इस दौरान सांसद गुरजीत सिंह औजला ने डीसी दलविंदर जीत सिंह से आग्रह किया कि ऐसी धारा लगाई जाए कि जो लोग एयरपोर्ट रोड पर धरना लगाते हैं, उन पर पर्चा दर्ज हो क्योंकि आए दिन वहां लगने वाले धरने से लोगों की फ्लाइट्स मिस हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि अगर कहीं पुलिस से लोगों को शिकायत है और पुलिस काम नहीं कर रही तो उस अधिकारी पर मामला दर्ज हो लेकिन धरना देना किसी भी बात का हल नहीं है।
सांसद औजला ने बैठक के दौरान कई मुद्दों पर सरकार को पत्र लिखकर अवगत करवाने के लिए कहा। उन्होंने सबसे पहले ला एंड आर्डर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस का काम सराहनीय है लेकिन अमृतसर एक सीमावर्ती जिला है, इसलिए यहाँ कानून व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की जरुरत है। उन्होंने कहा कि फिरौती की कॉल्स और सरेआम कारों को निशाना बनाने वाले लुटेरे, नशा और गोलियां चलना अब गंभीर चिंता का विषय है इसीलिए उन्होंने कहा कि इस संबंधी सरकार को पत्र लिखकर अधिक फोर्स की मांग की जाए ताकि इन शैतानों से लड़ा जा सके।
शिक्षा और शिक्षक: “नए कालेज खोलें लेकिन पुराना ढांचा भी संभाले
सांसद ने अजनाला में हाल ही में हुए डिग्री कॉलेज के उद्घाटन पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल रिबन काटने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि अजनाला का सरकारी कॉलेज और आईटीआई (ITI) खस्ताहाल हैं। नई इमारतें बनाने के बजाय पुराने तंत्र को भी मजबूत किया जाए और नए कोर्स शुरू किए जाएं। नया कालेज बनने में अभी कई साल लगेंगे ऐसे में जो बच्चे भी पढ़ रहे हैं उनके लिए पहले से मौजूद कालेजों के सही करें।
उन्होंने इस दौरान सख्त निर्देश दिए कि स्कूलों में अध्यापकों की भारी कमी है, जबकि कई शिक्षक अभी भी इलेक्शन ड्यूटी में फंसे हैं; उन्हें तुरंत मुक्त कर स्कूलों में भेजा जाए।
बुनियादी ढांचा और ट्रैफिक समाधान
शहर के ट्रैफिक और ड्रेनेज को लेकर सांसद ने कई कड़े निर्देश दिए:
मीरा कोट के पास बंद पड़े सुए को सड़क में तब्दील करने का प्रस्ताव दिया गया ताकि ट्रैफिक जाम से राहत मिले। इसके साथ ही पंचायतों को सार्वजनिक जगह से अतिक्रमण हटाने का नोटिस देने को कहा।
सांसद औजला ने लोहारका रोड पर अनावश्यक बैरियर हटाकर डिवाइडर बनाने के निर्देश दिए ताकि जाम की समस्या खत्म हो। वहीं उन्होंने लोगों से भी कहा कि ट्रैफिक सुचारू चले इसके लिए कुछ जिम्मेदारी खुद की भी समझें।
इस दौरान फर्द विभाग की ओर से शिकायत की गई कि उन्हें तकरीबन हर महीने सैलरी लेने के लिए स्ट्राइक करनी पड़ती है। जिस पर निर्देश देते हुए सांसद औजला ने कहा कि चेक करें कि हर बार एक ही कंपनी को ठेका क्यों किया जा रहा है।
सांसद ने ‘फर्द केंद्रों’ (भूमि रिकॉर्ड) के संचालन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2007 से एक ही कंपनी को बार-बार ठेका दिया जा रहा है। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय इन्क्वायरी (Inquiry) की मांग की कि आखिर एक ही कंपनी का एकाधिकार कैसे बना हुआ है और वहां कर्मचारी हर महीने हड़ताल पर क्यों रहते हैं।
इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य, बिजली और अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। सांसद औजला ने निर्देश दिए कि श्री गुरु नानक देव अस्पताल और अन्य केंद्रों में सुविधाओं के सुधार के लिए सरकार को लिखा जाए।
पावरकॉम: बिजली स्टेशनों की समस्याओं और अधिग्रहण (Acquisition) में हो रही देरी को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर चर्चा हुई।
मनरेगा: पंचायतों को 125 दिनों का पूरा पेमेंट देने और मनरेगा के प्रस्तावों को लेकर चर्चा की गई।
सांसद औजला ने बताया कि शहर में कूड़े के प्रबंधन और ‘सेग्रिगेशन’ (Segregation) के काम की डीसी द्वारा निगरानी की जा रही है।
इसके अलावा सांसद औजला की ओर से इस दौरान हर विभाग की कार्यगुजारी पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि लोगों को राहत देने के लिए और नए प्रोजेक्ट्स के लिए फंड्स लाने के लिए वो केंद्र से संपर्क में है लेकिन सबसे पहले राज्य सरकार की ओर से उन्हें प्रोजेक्ट्स बनाकर देने होंगे। उन्होंने तुंग ढाब ड्रेन की अधूरी सफाई पर भी कहा कि उसे साफ करने के लिए पूरा प्रोजेक्ट अगर तैयार करके दिए जाए तो वह फंड लाएंगे और काम हो जाएगा लेकिन मौजूदा सरकार ने आधा अधूरा काम ही करवाया जिसका कोई फायदा नहीं हुआ।
इस दौरान सरकार की ओर से विभिन्न पत्रकारों पर किए जा रहे मामले दर्ज के संबंध में सांसद औजला ने कहा कि सरकार अराजकता फैला रही है। उन्होंने कहा कि केवल विपक्ष और मीडिया ही सरकार को चौकन्ना रख सकते हैं और सवाल पूछकर जवाबदेही तय करते हैं और सरकार को उन पर कार्रवाई करने के बजाय जवाब देना चाहिए।
इसके अतिरिक्त ला एंड आर्डर की बिगड़ी स्थिती के संबंध में उन्होंने कहा कि एजुकेशन बेहद जरुरी है। ज्यादातर बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं और अगर सरकारी स्कूलों में सही पढ़ाई करवाई जाए तो वह एक अच्छा इंसान बनेंगे और रोजगार हासिल करेंगे। उन्होंने 8वीं तक के ‘नो डिटेंशन’ नियम का विरोध करते हुए कहा कि हर क्लास में टेस्ट होना जरूरी है ताकि सरकारी स्कूलों का स्तर प्राइवेट स्कूलों के बराबर हो सके और बच्चों में पढ़ने की लालसा बनी रहे।
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