गिरफ्तार किए गए आरोपी पाकिस्तान-आधारित तस्करों के संपर्क में थे और पूरे राज्य में हेरोइन व हथियारों की खेपों की सप्लाई कर रहे थे: डीजीपी गौरव यादव
सभी आरोपी आपस में करीबी रिश्तेदार हैं और एक ही परिवार से संबंधित हैं: सीपी अमृतसर गुरप्रीत भुल्लर

कल्याण केसरी न्यूज़, चंडीगढ़/अमृतसर, 27 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाई जा रही विशेष मुहिम के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस (सीपी) ने सीमा पार से संचालित नार्को-आर्म्स तस्करी मॉड्यूल के चार सदस्यों को 1.5 किलो हेरोइन और 1.98 लाख रुपये की ड्रग मनी सहित गिरफ्तार कर इस मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी आज यहां पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जसकिंदर सिंह उर्फ सिकंदर, हरपाल सिंह, गुरमुख सिंह और सुखदीप सिंह के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी गांव रणियां, अमृतसर के निवासी हैं। हेरोइन और ड्रग मनी की बरामदगी के अलावा, पुलिस टीमों ने आरोपियों के कब्जे से दो आधुनिक पिस्तौलें—एक 9 एमएम और एक .30 बोर—तथा पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (पीओएफ) में निर्मित 34 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अपने विदेशी हैंडलरों की मिलीभगत से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तान-स्थित तस्करों के संपर्क में थे। उन्होंने बताया कि आरोपी अपने हैंडलरों के निर्देशों पर ड्रोन के जरिए सीमा पार से भेजी जा रही अवैध हथियारों और हेरोइन की खेपों को प्राप्त कर पंजाब के विभिन्न हिस्सों में उनकी आपूर्ति कर रहे थे।
डीजीपी ने कहा कि इस मामले में आगे-पीछे के सभी संबंधों का पता लगाने के लिए गहन जांच जारी है।
इस ऑपरेशन की जानकारी देते हुए अमृतसर के पुलिस आयुक्त (सीपी) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि विशेष और विश्वसनीय सूचना के आधार पर सीपी अमृतसर की टीमों ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए सीमा पार तस्करी में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से ड्रग मनी व 34 जिंदा कारतूस बरामद किए। उन्होंने आगे बताया कि गिरफ्तार आरोपी गुरमुख सिंह और सुखदीप सिंह के खुलासे के आधार पर दो पिस्तौलें बरामद की गईं, जबकि जसकिंदर सिंह और हरपाल सिंह के खुलासे पर 1.5 किलो हेरोइन की खेप बरामद की गई।
सीपी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि सभी आरोपी आपस में करीबी रिश्तेदार हैं और एक ही परिवार से संबंधित हैं। हरपाल सिंह और गुरमुख सिंह सगे भाई हैं, जबकि जसकिंदर सिंह उर्फ सिकंदर और सुखदीप सिंह उनके भतीजे हैं। चारों आरोपियों की उम्र 19 से 33 वर्ष के बीच है और उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया है।
इस संबंध में पुलिस थाना सिविल लाइंस, अमृतसर में एफआईआर नंबर 11 दिनांक 22-01-2026 को आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत दर्ज की गई है।
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