नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सदस्य जस्टिस डॉ. अफरोज़ अहमद द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए अमृतसर में अधिकारियों के साथ बैठक

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 3 फरवरी 2026: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सदस्य जस्टिस डॉ. अफरोज़ अहमद द्वारा गुरु नगरी अमृतसर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जिला अधिकारियों के साथ एक बैठक की गई। इस बैठक में डिप्टी कमिश्नर श्री दलविंदरजीत सिंह के अलावा नगर निगम अमृतसर के कमिश्नर श्री बिक्रमजीत सिंह शेरगिल, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) श्री रोहित गुप्ता, नगर निगम के अतिरिक्त कमिश्नर श्री सुरिंदर सिंह, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) श्रीमती अमनदीप कौर, सीनियर पर्यावरण इंजीनियर श्रीमती समिंता, कार्यकारी अभियंता सुखदेव सिंह तथा सहायक पर्यावरण अभियंता सुखमनी खैहिरा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सदस्य जस्टिस डॉ. अफरोज़ अहमद ने जिला अमृतसर की पर्यावरण योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करें। उन्होंने कहा कि गुरु नगरी अमृतसर को स्वच्छ रखना हमारा और भी बड़ा कर्तव्य बन जाता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण हम सभी की साझा विरासत है तथा शुद्ध हवा और स्वच्छ पानी के संरक्षण के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला पर्यावरण योजना की समीक्षा करते हुए जस्टिस डॉ. अफरोज़ अहमद ने कहा कि भूजल संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भूजल स्तर का लगातार गिरना चिंता का विषय है, जिसके लिए हमें जल का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के साथ-साथ आम लोगों को जल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना चाहिए।
डॉ. अहमद ने उद्योगों द्वारा किए जा रहे प्रदूषण को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी उद्योगों में प्रदूषण जांच उपकरणों की स्थापना सुनिश्चित की जाए। बायो-मेडिकल वेस्ट के निपटान की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी एवं निजी अस्पतालों में बायो-मेडिकल कचरे की पृथक्करण (सेग्रीगेशन) और उसके उचित निपटान की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बायो-मेडिकल वेस्ट का निपटान निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाए।
डिप्टी कमिश्नर श्री दलविंदरजीत सिंह ने बैठक के दौरान जिला अमृतसर की विभिन्न नगर परिषदों और नगर निगम अमृतसर द्वारा कचरे के उचित निपटान के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन के लिए विशेष पहल की जा रही है। इसके अतिरिक्त गांवों में थापर मॉडल के तहत तालाबों का नवीनीकरण कर पानी को स्वच्छ किया जा रहा है।
कृषि क्षेत्र में पराली जलाने की समस्या के संबंध में डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि जिला प्रशासन के प्रयासों और किसानों के सहयोग से इस सीजन के दौरान खेतों में पराली जलाने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने कहा कि पराली न जलाने वाले किसानों को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया है तथा भविष्य में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए और अधिक प्रयास किए जाएंगे।
डिप्टी कमिश्नर श्री दलविंदरजीत सिंह ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सदस्य को जिला प्रशासन की ओर से पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों को और तेज़ करने का भरोसा दिलाया। इससे पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों ने अमृतसर पहुंचने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सदस्य का गर्मजोशी से स्वागत किया।

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