गन्ने की प्रति हेक्टेयर पैदावार बढ़ाने के लिए गन्ना किसानों को चौड़ी विथ विधि अपनाने के लिए किया प्रेरित

कल्याण केसरी न्यूज़, जालंधर, 12 मार्च 2026: कृषि एवं किसान भलाई विभाग की गन्ना शाखा द्वारा उन्नत कृषि योजना के अंतर्गत सहकारी शुगर मिल भोगपुर के गांव बहराम सृष्टा में दो दिन का किसान जागरूकता कैंप आयोजित किया गया।
केन कमिश्नर पंजाब डा. अमरीक सिंह के निर्देशानुसार तथा प्रोजेक्ट अधिकारी जालंधर डा. मनधीर सिंह की अध्यक्षता में लगाए गए इस कैंप में सहायक गन्ना विकास अधिकारी जालंधर डा. गुरचरण सिंह, डायरेक्टर डा. गुलजार सिंह, कीट वैज्ञानिक गन्ना अनुसंधान केंद्र कपूरथला डा. युवराज सिंह तथा पी.ए.यू. लुधियाना के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डा. मनिंदर सिंह ने गन्ने की उन्नत खेती तकनीक, कीड़े-मकोड़ों की रोकथाम, रोग प्रबंधन, गन्ने में अंतर-फसल, तथा किसानों के कल्याण के लिए चल रही विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
किसानों को संबोधित करते हुए डा. गुरचरण सिंह ने कहा कि उन्नत कृषि योजना के तहत पंजाब सरकार गन्ने की प्रति हेक्टेयर पैदावार बढ़ाकर गन्ने की फसल में अंतर-फसलों के रकबे को बढ़ाने के लिए प्रदर्शनी प्लाट लगा रही है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने बताया कि इस मिशन का उद्देश्य फसल उत्पादन, तकनीक एवं बीजों के लिए सहायता देकर अनाज उत्पादन बढ़ाना, मिट्टी की सेहत बहाल करना, किसानों की आय सुधारना और पोषण सुरक्षा बढ़ाना है। इस योजना के अंतर्गत कृषि विभाग की गन्ना शाखा द्वारा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कैंप भी लगाए जा रहे है।
उन्होंने कहा कि गन्ना पंजाब की गेहूं, धान और कपास के बाद चौथी प्रमुख नकदी फसल है, जो मौसम के प्रतिकूल प्रभावों को सहकर भी किसानों को आय देती है। पंजाब सरकार ने गन्ने की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने के लिए बिजाई की चौड़ी वीथ विधि, अंतर-फसलें और मल्चिंग तकनीक के उपयोग से प्रदर्शनी प्लाट तथा जागरूकता कैंप आयोजित करने का प्रोग्राम बनाया गया है। इसके तहत पंजाब की विभिन्न चीनी मिलों के अधिसूचित क्षेत्रों में जागरूकता कैंप और प्रदर्शनी प्लाट लगाए जा रहे है।
ट्रेनिंग अधिकारी जालंधर डा. प्रवीन कुमारी ने किसानों को मिट्टी परीक्षण करवाने और संतुलित खादों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। जिला ट्रेनिंग अधिकारी डा. सुखचैन सिंह ने कहा कि प्रति हेक्टेयर गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने से गन्ने की खेती लाभकारी बनाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि गन्ने की प्रति हेक्टेयर पैदावार बढ़ाने के उद्देश्य से किसानों को चौड़ी विथ्थ विधि अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
डा. मनिंदर सिंह ने बताया कि गन्ने की फसल में धान की पराली फैलाने से जहां पर्यावरण प्रदूषण से बचाव होता है, वहीं सर्दी-गर्मी से फसल की सुरक्षा होकर प्रति हेक्टेयर पैदावार में भी वृद्धि हो सकती है। डा. गुरप्रीत सिंह ने किसानों को सुव्यवस्थित मंडीकरण और कृषि आधारित सहायक व्यवसाय अपनाने के लिए प्रेरित किया।
खेती विस्तार अधिकारी भोगपुर सुरिंदर कुमार ने बताया कि बसंत ऋतु की गन्ने की फसल से अधिक आय प्राप्त करने के लिए अंतर-फसलें लेना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मूंग और मांह की दालों जैसी अंतर-फसलें लगाकर घरेलू तथा बाजार की जरूरतें पूरी की जा सकती हैं।
सहकारी मिल भोगपुर के सीसीडीओ सुखदीप सिंह ने किसानों को गन्ने की फसल के अंतर्गत अधिक से अधिक रकबा लाने के लिए प्रेरित किया।

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