कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 8 अप्रैल 2026: अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, अमृतसर श्री रोहित गुप्ता ने पंजाब सरकार द्वारा जारी अधिसूचना “U/s 19 of The Air Prevention & Control Act, 1981” तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए जिला अमृतसर की सीमा में गेहूं की नाड़/अवशेष (पराली) को आग लगाने पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।
जारी आदेशों में कहा गया है कि गेहूं की कटाई के बाद उसके नाड़/अवशेष को संबंधित मालिकों द्वारा आग लगा दी जाती है। इसके कारण सांस से संबंधित बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं और वातावरण प्रदूषित होता है।
नाड़/पराली को जलाने से भूमि का उपयोगी जैविक पदार्थ, जो जमीन के लिए अत्यंत लाभदायक होता है, नष्ट हो जाता है, जिससे भूमि की उर्वरता घटती है। आग के कारण जमीन की ऊपरी सतह जल जाती है, जिससे उसमें मौजूद कई लाभकारी सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं और खेत की उत्पादकता प्रभावित होती है।
सड़कों के किनारे मौजूद गेहूं के अवशेष को जलाने से यातायात में बाधा उत्पन्न होती है तथा दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, गांवों में आपसी विवाद की स्थिति भी पैदा हो सकती है।
इससे सीधा नुकसान किसानों को होता है और इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव देश के कुल उत्पादन पर भी पड़ता है। माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा भी पर्यावरण संरक्षण और स्टबल बर्निंग की रोकथाम के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अतः गेहूं की नाड़/अवशेष को आग लगाने पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 6 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा।

Kalyan Kesari हिन्दी समाचार पत्र
