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सुखबीर सिंह बादल ने अवैध रेत खनन की केंद्रीय जांच की मांग की, कहा: अवैध कारोबार का पैसा अरविंद केजरीवाल तक पहुंचाया जा रहा

अकाली दल की अगली सरकार 3 लाख रिक्त सरकारी पद भरेगी, वृद्धावस्था पेंशन के लिए आयु सीमा भी कम की जाएगी
वारिस पंजाब दे को मुख्यमंत्री द्वारा हर महीने आर्थिक मदद दिए जाने का आरोप

कल्याण केसरी न्यूज़, अजनाला, 24 सितंबर 2026: शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आज पंजाब में अवैध रेत खनन की केंद्रीय जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि इस अवैध कारोबार से प्राप्त धन सीधे आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल तक पहुंचाया जा रहा है।
अजनाला में आयोजित पंजाब बचाओ रैली को संबोधित करते हुए सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि आज सुबह आए तूफान के कारण रैली के टेंट उखड़ जाने के बावजूद हजारों लोग खुले मैदान में उन्हें सुनने के लिए मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्साह और जोश ने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब में एक ऐसा तूफान शुरू हो चुका है, जो 2027 में दिल्ली की सभी पार्टियों और कथित नकली पंथिक संगठनों को उखाड़ फेंकेगा और शिरोमणि अकाली दल की सरकार बनाएगा।
एक अन्य बड़ी घोषणा करते हुए सुखबीर बादल ने वादा किया कि अगली विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता में आने पर शिअद राज्य में 3 लाख रिक्त सरकारी पदों को तुरंत भरेगी। उन्होंने कहा, “इन पदों पर केवल पंजाबियों की भर्ती की जाएगी और आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा बाहरी राज्यों के लोगों को भर्ती की अनुमति देने वाला कानून वापस लिया जाएगा।”
उन्होंने यह भी घोषणा की कि वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त करने की आयु सीमा पुरुषों के लिए 60 वर्ष और महिलाओं के लिए 55 वर्ष की जाएगी।
आप सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सुखबीर बादल ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा कृषि भूमि को व्यावसायिक भूमि में बदलने, मोहाली और न्यू चंडीगढ़ में जमीन के अधिग्रहण तथा जमीन विकसित करने वालों को दी गई छूट के मामलों में कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी तरह राज्य में अवैध खनन की भी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में अवैध रेत खनन का कारोबार एक माफिया की तरह चलाया जा रहा है और आप के विधायक तथा नेता आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के लिए धन एकत्र कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “केवल विस्तृत जांच से ही पता चलेगा कि पंजाब से कितनी रकम लूटी गई है। यह पैसा आम आदमी पार्टी से वापस वसूला जाना चाहिए।”


सुखबीर बादल ने इस अवसर पर वारिस पंजाब दे (डब्लयूपीडी) संगठन पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संगठन को मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा केवल पंथिक वोटों को विभाजित करने के उद्देश्य से बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मंडी बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी के माध्यम से डब्लयूपीडी को हर महीने आर्थिक सहायता दिलवा रहे हैं।
उन्होंने संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि तरसेम सिंह 35 वर्षों से अधिक समय तक कांग्रेस पार्टी के सदस्य रहे हैं। सुखबीर बादल ने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों को किसी भी दृष्टि से पंथिक नहीं कहा जा सकता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फॉरेंसिक साक्ष्यों से भगवंत मान द्वारा गुरु साहिबान के प्रति कथित बेअदबी और संत जरनैल सिंह भिंडरांवाले की प्रतिमा पर कथित रूप से पेशाब करने की घटना सामने आने के बावजूद उन्होंने विरोध में एक शब्द भी नहीं कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि वारिस पंजाब दे को पंथ के हितों में कोई रुचि नहीं है और वह पंजाब को 1980 के दशक के अंधकारमय दौर की ओर ले जाने वाली परिस्थितियां पैदा कर रहा है।

बाद में एक सवाल का जवाब देते हुए सुखबीर बादल ने आप द्वारा वितरित उन पर्चों को “झूठ का पुलिंदा” बताया, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा शुरू की गई सामाजिक कल्याण योजनाओं को आप की उपलब्धियों के रूप में बताया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाबी ऐसे प्रचार पर विश्वास नहीं करेंगे, क्योंकि वे जानते हैं कि आप सरकार ने शिअद सरकारों द्वारा शुरू की गई कई सामाजिक कल्याण योजनाओं को या तो कमजोर कर दिया है या पूरी तरह बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि बंद की गई योजनाओं में छात्राओं को मुफ्त साइकिल, खेल किट, जिम, मुफ्त केमिस्ट शॉप, रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) प्लांट, सुविधा केंद्र और सांझ केंद्र शामिल हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आप सरकार ने ‘आटा-दाल’ योजना के तहत मिलने वाले लाभों में भी भारी कटौती की है। उनके अनुसार, शिअद सरकार के दौरान 30 किलो गेहूं दिया जाता था, जबकि वर्तमान में यह मात्रा घटाकर 5 किलो कर दी गई है।
पंजाब के लिए अपनी कार्ययोजना होने का दावा करते हुए सुखबीर बादल ने कहा कि कौशल विकास समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने घोषणा की कि अगली शिअद सरकार एक स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित करेगी, जिसके केंद्र सभी जिला मुख्यालयों पर होंगे। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट कंपनियां विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देंगी और उन्हें प्रमाणपत्र प्रदान करेंगी, जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने युवाओं के लिए व्यावसायिक परियोजनाओं हेतु 10 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण देने की भी घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने कहा कि शगुन योजना की सहायता राशि बढ़ाकर 1 लाख रुपये और वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर 3,100 रुपये प्रति माह की जाएगी।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि ‘आटा-दाल’ योजना के लाभार्थियों को 50 किलो गेहूं 4 रुपये प्रति किलो की दर से दिया जाएगा और सभी बेघर लोगों को 5 मरला जमीन का प्लॉट उपलब्ध कराया जाएगा। इस अवसर पर बोलने वाले वरिष्ठ नेताओं में बिक्रम सिंह मजीठिया, गुलजार सिंह रानिके, वीर सिंह लोपोके, राजविंदर सिंह राजा लाढेह और सुरजीत सिंह पहलवान शामिल थे।

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