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पंजाब पुलिस ने पाकिस्तानी आईएसआई समर्थित मॉड्यूल का किया पर्दाफाश, पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की साजिश नाकाम, खासा कैंट आईईडी विस्फोट मामले को सुलझाया

कल्याण केसरी न्यूज़, चंडीगढ़/अमृतसर, 13 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने पाकिस्तान की ISI समर्थित अवैध हथियार एवं विस्फोटक आपूर्ति नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पुलिस प्रतिष्ठानों पर हमला करने की साजिश को नाकाम करने के साथ-साथ मई 2026 में आर्मी छावनी खासा के निकट हुए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट के मामले को भी सुलझा लिया है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।
पुलिस टीमों ने आपस में जुड़े दो मामलों में कुल छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड और एक 9 एमएम पिस्तौल सहित पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस प्रतिष्ठानों पर हमले की साजिश के संबंध में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोगा जिले के धर्मकोट स्थित गांव फतेहगढ़ कोरोटाना निवासी नवदीप सिंह, मोगा के गांव मेनेवाला निवासी सैमुअल उर्फ सामू और संदीप सिंह उर्फ टिड्डी के रूप में हुई है।
वहीं, खासा छावनी में आईईडी विस्फोट को अंजाम देने के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों की पहचान अमृतसर के अटारी स्थित पुरानी दाना मंडी निवासी रमनदीप सिंह, जज्जप्रीत सिंह और अर्शदीप सिंह उर्फ केकड़ा के रूप में हुई है।
DGP गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान इस मॉड्यूल के विदेशी तस्करों और ISI संचालकों के साथ कथित संबंध सामने आए हैं। पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने और इसके आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
इस अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बॉर्डर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि केंद्रीय एजेंसियों से विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि सीमा पार बैठे हैंडलरों के गुर्गे पुलिस प्रतिष्ठानों पर हमला कर राज्य की शांति एवं कानून-व्यवस्था भंग करने की साजिश रच रहे हैं।
इस सूचना के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए अमृतसर ग्रामीण पुलिस की टीमों ने एक मोटरसाइकिल को रोककर नवदीप सिंह को उसके साथियों सैमुअल उर्फ सामू और संदीप सिंह उर्फ टिड्डी सहित गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड और एक 9 एमएम पिस्तौल सहित पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
इस संबंध में थाना घरिंडा में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं 3, 4 और 5 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत 11 अक्टूबर 2026 को FIR नंबर 441 दर्ज की गई है।
IGP ने आगे बताया कि इस अभियान के दौरान 5 मई 2026 की रात करीब 11 बजे कैंट खासा स्थित ब्रिगेड सिक्योरिटी की दीवार पर हुए IED विस्फोट के मामले की गुत्थी भी सुलझा ली गई है।
उन्होंने बताया कि इस अनसुलझे विस्फोट मामले को सुलझाने के लिए अमृतसर ग्रामीण के SSP कंवलप्रीत सिंह चहल ने एक विशेष जांच टीम (सिट) का गठन किया था। इस टीम में एसपी (जांच) रमनदीप सिंह, SP ऑपरेशंस गगनदीप सिंह, DSP डिटेक्टिव गुरिंदरपाल सिंह नागरा और DSP अटारी यादविंदर सिंह शामिल थे।
SSP कंवलप्रीत चहल ने बताया कि सीआईए प्रभारी इंस्पेक्टर मनमीत सिंह और थाना घरिंडा के एसएचओ इंस्पेक्टर अमनदीप सिंह के नेतृत्व में गठित टीमों द्वारा गहन जांच और तकनीकी माध्यमों से की गई ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी रमनदीप सिंह, जज्जप्रीत सिंह और अर्शदीप सिंह उर्फ केकड़ा को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस संबंध में थाना घरिंडा में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं 3, 4 और 5 तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यीएपीए) की धारा 13 के तहत 6 मई 2026 को एफआईआर नंबर 174 पहले ही दर्ज की जा चुकी है।

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