
कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 14 अक्टूबर 2026: शहर में लोगों को निरंतर साफ पानी की स्पालई के लिए पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई अमृतसर बल्क वाटर स्पालई स्कीम प्रोजेक्ट के काम की प्रगति का जायजा लेने के लिए विश्व बैंक की चार सदस्यों की टीम द्वारा शहर का दौरा किया गया। ज्ञात हो की नगर निगम द्वारा विश्व बैंक और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक के सहयोग से पंजाब म्यूनिसिपल सर्वसिस इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। इसी प्रजोक्ट के अधीन ए.बी.डब्लयू.एस.एस प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। जिसके तहत आने वाले समय में अपर बारी दौआब नहर के पानी को साफ करके घर-घर स्पलाई किया जाएगा। जिसके लिए वल्ला के पास 44 करोड़ लीटर पानी प्रतिदिन समर्था वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण, शहर में नई पानी की टैंकीयों के निर्माण के साथ-साथस पुरानी टैंकियों के नवीनिकरण के साथ-साथ पाईपलाईन बिछाने का काम तेजी से रहा है। विश्व बैंक की टीम में रोज़ाना निट्टी, मारिया लुईसा, चारू जैन और श्रीति मुंशी द्वारा वल्ला में बनाए जा रहे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के साथ-साथ प्रोजेक्ट से संबंधित अन्य निर्माण स्थलों का दौरा करके प्रोजेक्ट की प्रगति का जायजा लिया गया। इसके बाद टीम द्वारा निगम कमिश्नर बिक्रमजीत सिहं शेरगिल के साथ प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक की गई। इस मौके पर निगम कमिश्नर ने बताया की प्रोजेक्ट लगभग अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँच चुका है और बहुत जल्द ही सिस्टम की टैसटिंग का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने विश्व बैंक की टीम को बताया कि इस प्रोजेक्ट गिरते भूजल को संभालने में मदद मिलेगी। वर्ल्ड बैंक की टीम द्वारा प्रोजेक्ट के तहत काम करने वाले मजदूरों के कल्याण और रहने के लिए बनाए गए कैंपों, आम लोगों की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों और निर्माणकार्यों के आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरण प्रभाव को कम करने के लिए उठाए गए कदमों की सरहाना की। इस मौके पर पीएमआईडीसी के प्रोजेक्ट मैनेजर हरपाल सिहं भुल्लर, एस.इ प्रोजेक्ट डा. जितिन वासुदेवा, प्रोजेक्ट मैनेजर कुलदीप सिहं सैनी (रिटायर्ड चीफ़ इंजीनियर), एक्सईन दिवतेश विर्दी, नरेंद्रपाल सिहं, अशवनी कुमार, सुखबीर सिहं, बादल सोनी, डा. सुमित अरोड़ा आदि भी उपस्थित थे।
प्रोजेक्ट से जुड़े जरूरी तथ्य
प्रोजेक्ट के तहत 39 नई टैंकियों का निमार्ण हो रहा हैं।
24 पुरानी टैंकियों का नवीनिकरण भी इस प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है।
प्रोजेक्ट से शहर में साफ पानी की निरंतर स्पलाई की जाएगी, जो की अभी 10-12 घण्टों के लिए की जाती है।
वल्ला स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से नई और नौजूदा टैंकियों तक पानी की स्पालई के लिए 112 कि.मी लंबी पाईपलाईन बिछाई जा रही है।
प्रोजेक्ट के तहत स्पलाई होने वाले पानी की गुणवत्ता आई.एस.ओ 10500-2012 स्तर की होगी।
प्रोजेक्ट के तहत बनाई जा रही जल स्पलाई प्रणाली की आधुनिक स्काडा सिस्टम के तहत कंट्रोल रूम से ऑनलाईन निगरानी की जाएगी तथा किसी भी खराबी को समय पर पता लगाकर उसे तुरंत ठीक भी किया जा सकेगा।

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