गुरुपर्व पर सुबह 4 से 5 बजे और रात 9 से 10 बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति
क्रिसमस और नववर्ष की पूर्व संध्या पर रात 11:55 बजे से अगले दिन सुबह 12:30 बजे तक ही पटाखे चलाए जा सकेंगे।
निर्धारित समय के भीतर ही चलाए जाएं पटाखे, प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पर रोक
केवल ग्रीन पटाखे ही बेचे और चलाए जा सकेंगे
कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 15 अक्टूबर 2026: अमृतसर की अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट श्रीमती पल्लवी मिश्रा ने माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेशों के तहत त्योहारों के दौरान पटाखे चलाने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत दिवाली और गुरुपर्व के अवसर पर पटाखों की बिक्री के लिए जिले में जारी किए जाने वाले अस्थायी लाइसेंस के अलावा, माननीय हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिले में दिवाली, भगवान वाल्मीकि प्रकट दिवस, गुरुपर्व, क्रिसमस और नववर्ष के अवसर पर पटाखे चलाने का समय भी निर्धारित किया गया है।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पर रोक है। केवल ग्रीन पटाखे, जो लिथियम, पारा (मरकरी), आर्सेनिक, सीसा और बेरियम साल्ट आदि के बिना बनाए गए हों, ही बेचे और चलाए जा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा सिविल रिट याचिका संख्या 728/2015 में 13-10-2018 को दिवाली, गुरुपर्व, क्रिसमस और नववर्ष के अवसर पर पटाखे चलाने के लिए दी गई छूट के तहत निर्धारित समय के भीतर ही पटाखे चलाए जाएं।
उन्होंने बताया कि दिवाली और भगवान वाल्मीकि प्रकट दिवस पर रात 8 बजे से रात 10 बजे तक पटाखे चलाए जा सकते हैं। गुरुपर्व के दिन सुबह 4 बजे से 5 बजे तक और रात 9 बजे से 10 बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति होगी। इसी तरह, क्रिसमस की पूर्व संध्या पर रात 11:55 बजे से अगले दिन सुबह 12:30 बजे तक और नववर्ष की पूर्व संध्या पर भी रात 11:55 बजे से अगले दिन सुबह 12:30 बजे तक पटाखे चलाने का समय निर्धारित किया गया है।
निर्धारित समय से पहले और बाद में किसी भी प्रकार के पटाखे चलाने पर प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कोई भी वेबसाइट या ई-कॉमर्स साइट पटाखों की बिक्री नहीं कर सकेगी।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने आगे कहा कि विवाह समारोहों के दौरान पटाखे आदि चलाने के लिए मैरिज पैलेस के मालिक को संबंधित लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा और सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा, शोभायात्रा, नगर कीर्तन, प्रभात फेरी और अन्य समारोहों के दौरान पटाखे चलाने के लिए भी लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इस दौरान घनी आबादी वाले क्षेत्रों और आग लगने की आशंका वाले स्थानों पर पटाखे चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि उन्होंने नगर निगम आयुक्त, एसएसपी, सभी एसडीएम और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यकारी अभियंता को आवश्यक निर्देश जारी करते हुए उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त ने जिले के लोगों से अपील की कि वे माननीय सुप्रीम कोर्ट और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार केवल निर्धारित समय के भीतर ही पटाखे चलाएं। उन्होंने कहा कि पटाखों से जहां पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, वहीं इनके शोर और प्रदूषण का मनुष्यों के साथ-साथ पशु-पक्षियों पर भी बुरा असर पड़ता है। इसलिए आम जनता को यथासंभव पटाखे चलाने से परहेज करना चाहिए।

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