संयुक्त सचिव एस. रुक्मणी ने पराली प्रबंधन के प्रयासों का लिया जायजा; किसानों को पर्यावरण अनुकूल तकनीकें अपनाने के लिए प्रेरित करने पर दिया जोर

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 16 अक्टूबर 2026: धान की पराली जलाने की घटनाओं को रोकने और पराली का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार की उच्च स्तरीय टीम ने आज जिला अमृतसर के पराली जलाने की अधिक घटनाओं वाले हॉटस्पॉट गांवों का दौरा किया। टीम का नेतृत्व कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार के मशीनीकरण एवं प्रौद्योगिकी प्रभाग की संयुक्त सचिव श्रीमती एस. रुक्मणी ने किया।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य धान की कटाई के मौजूदा सीजन के दौरान पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों का जायजा लेना और पराली के उचित प्रबंधन के लिए अपनाई जा रही तकनीकों की समीक्षा करना था।
इस संबंध में जिला प्रशासनिक परिसर में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें कृषि विभाग, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान श्रीमती एस. रुक्मणी ने राज्य और जिला स्तर पर पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। इसके अतिरिक्त, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने, कृषि मशीनरी की उपलब्धता एवं उपयोग तथा पराली प्रबंधन से संबंधित सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया।
संयुक्त सचिव ने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं को कम करने के लिए किसानों को जागरूक करना और उन्हें आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने खेत में ही पराली प्रबंधन (इन-सीटू) तथा खेत से बाहर पराली प्रबंधन (एक्स-सीटू) के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए इन तकनीकों को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पराली का खेत में ही प्रबंधन करने से मिट्टी के स्वास्थ्य और उसकी उपजाऊ शक्ति में सुधार होता है। इससे मिट्टी में जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ाने तथा लाभकारी जीवों के संरक्षण में भी मदद मिलती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पराली प्रबंधन की तकनीकों के बारे में प्रत्येक किसान तक जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि किसान इन तकनीकों को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे सकें।
बैठक के बाद संयुक्त सचिव श्रीमती एस. रुक्मणी और उनकी टीम ने ब्लॉक तरसिक्का तथा अटारी के विभिन्न गांवों का दौरा किया। इस दौरान टीम ने किसानों के साथ सीधे बातचीत कर पराली प्रबंधन से संबंधित उनके अनुभवों, सामने आ रही समस्याओं और अपनाई जा रही तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
टीम को इन-सीटू और एक्स-सीटू पराली प्रबंधन तकनीकों से संबंधित प्रदर्शन प्लॉटों का दौरा भी करवाया गया। इसके अतिरिक्त, पराली की गांठों के भंडारण के लिए बनाए गए स्थानों का निरीक्षण कर खेतों से बाहर पराली के उचित प्रबंधन के लिए किए जा रहे प्रयासों का जायजा लिया गया।
क्षेत्रीय दौरे के दौरान संयुक्त सचिव ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसानों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को पराली प्रबंधन के उपलब्ध विकल्पों की जानकारी देने के साथ-साथ इन तकनीकों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि पराली जलाने की घटनाओं में कमी लाकर पर्यावरण का संरक्षण किया जा सके और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बनाए रखा जा सके।
इस अवसर पर कृषि सहायक, नई दिल्ली से सहायक श्री अरविंद मेश्राम, इंजीनियर एस.जी. पवार मुख्य कृषि अधिकारी, अमृतसर श्री अमरजीत सिंह दोसांझ, डॉ. रमन कुमार, समूह ब्लॉक कृषि अधिकारी, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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