Breaking News

कृषि विभाग की केमिकल फैक्ट्री में छापेमारी, कृषि ग्रेड यूरिया खाद के 4,000 बैग जब्त, एफ.आई.आर. दर्ज, दो व्यक्ति गिरफ्तार

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 17 अक्टूबर 2026: माननीय कृषि मंत्री सरदार गुरमीत सिंह खुड्डियां तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पंजाब के निदेशक सरदार गुरजीत सिंह बराड़ के दिशा-निर्देशों और डिप्टी कमिश्नर अमृतसर श्री दलविंदरजीत सिंह के कुशल नेतृत्व में जिले में कृषि ग्रेड की सब्सिडी वाली यूरिया खाद के दुरुपयोग और अवैध रूप से अन्य कार्यों में इस्तेमाल को रोकने के लिए विभिन्न फीड फैक्ट्रियों तथा अन्य औद्योगिक इकाइयों की लगातार जांच की जा रही है।
इसी अभियान के तहत 16 अक्टूबर 2026 को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और जी.एस.टी. इंटेलिजेंस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बल्ल कलां, मजीठा रोड स्थित मृदुल केमिकल्स के परिसर में छापेमारी की। इस दौरान कृषि में इस्तेमाल होने वाली यूरिया खाद के लगभग 4,000 बैग जब्त किए गए। जब्त की गई यूरिया खाद हिंदुस्तान फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड तथा कृभको फर्टिलाइजर्स लिमिटेड द्वारा निर्मित है।
कार्रवाई के दौरान जी.एस.टी. इंटेलिजेंस की टीम ने संबंधित औद्योगिक इकाई के कार्यालय रिकॉर्ड की भी जांच की और आवश्यक दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए।
इस मामले में डी.एस.पी. श्री यादविंदर सिंह ने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955, उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत एफ.आई.आर. दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई देर रात तक जारी रही और इस मामले में अब तक दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की आगे की जांच जारी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य कृषि अधिकारी, अमृतसर सरदार अमरजीत सिंह दोसांझ ने बताया कि कृषि ग्रेड यूरिया एक विनियमित एवं सब्सिडी वाली खाद है, जिस पर किसानों की सुविधा के लिए सरकार द्वारा भारी सब्सिडी दी जाती है। इसलिए इसका उपयोग केवल कृषि कार्यों के लिए ही किया जाना अनुमत है। दूसरी ओर, औद्योगिक इकाइयों में इस्तेमाल के लिए खाद कंपनियों द्वारा तकनीकी ग्रेड यूरिया उपलब्ध करवाई जाती है, जिस पर सरकार की ओर से कृषि ग्रेड यूरिया की तरह सब्सिडी नहीं दी जाती।
उन्होंने बताया कि जब्त की गई खाद के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। पंजाब सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से विभाग द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार की जांच और छापेमारी लगातार जारी रखी जाएगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी औद्योगिक इकाई में सब्सिडी वाली कृषि ग्रेड यूरिया का अवैध इस्तेमाल या अन्यत्र उपयोग के लिए डायवर्जन पाया गया, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985, आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर जी.एस.टी. इंटेलिजेंस की टीम से श्री गगन बहल, श्री प्रशांत जोशी (सीनियर इंटेलिजेंस ऑफिसर), श्री नवदीप सिद्धू तथा श्री अमरिंदर सिंह (इंटेलिजेंस ऑफिसर) उपस्थित थे।
इसके अतिरिक्त कृषि विभाग की ओर से श्री बलविंदर सिंह छीना, श्री हरभिंदर सिंह, श्री गुरजोत सिंह गिल, श्री परजीत सिंह, श्री मनदीप सिंह, श्री गुरजीत सिंह तथा श्री गुरबाज सिंह (कृषि विकास अधिकारी), श्री अश्वनी बडवाल (कृषि उप निरीक्षक), श्री सरवण सिंह (ए.एस.आई.) और श्री जसबीर सिंह (ए.एस.आई. एवं चौकी इंचार्ज, बल्ल कलां, थाना कंबो) भी मौजूद थे।

Check Also

जालंधर में 14 नवंबर से 22 नवंबर, 2026 तक अग्निवीर भर्ती रैली आयोजित की जाएगी

कल्याण केसरी न्यूज़, जालंधर, 17 अक्टूबर 2026: अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में योग्य …