कन्या पूजन और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की भावना पर दिया जोर

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 19 अक्टूबर 2026: दया, सहानुभूति और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देते हुए माननीय जिला एंड सैशन जज सुश्री जतिंदर कौर ने दुर्गा पूजा और दशहरे के शुभ अवसर की पूर्व संध्या पर स्टेट आफ्टर केयर होम, अमृतसर का दौरा किया। इस अवसर पर श्री अमरदीप सिंह बैंस, सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-कम-सचिव, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डीएलएसए), अमृतसर भी उनके साथ उपस्थित रहे।
स्टेट आफ्टर केयर होम में इस समय लगभग 50 लड़कियां और युवा महिलाएं रह रही हैं। दौरे के दौरान माननीय सत्र न्यायाधीश ने सभी निवासियों से बातचीत की और उनके स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि तथा दैनिक जीवन की परिस्थितियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने धैर्यपूर्वक उनकी बातें सुनीं और उचित देखभाल, सुरक्षित एवं सहयोगपूर्ण वातावरण तथा प्रत्येक निवासी के शारीरिक और भावनात्मक कल्याण को सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।
संस्था के कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठक की गई, जिसमें निवासियों की देखभाल, कल्याण और दैनिक आवश्यकताओं से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन समर्पण, संवेदनशीलता और दया के साथ करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि प्रत्येक निवासी के साथ गरिमा, सम्मान और स्नेहपूर्ण व्यवहार किया जाए।
दशहरे और पारंपरिक ‘कंजक पूजन’ के आयोजन ने त्योहार की भावना को और मजबूत किया। इस अवसर पर सभी निवासियों को जलपान कराया गया, जिससे उनके बीच खुशी और त्योहार का उत्साह देखने को मिला।
कंजक पूजन (कन्या पूजन) का इस दौरे में विशेष महत्व रहा। यह परंपरा नवरात्रि और दुर्गा पूजा से जुड़ी है, जिसमें छोटी बच्चियों को देवी दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। यह परंपरा नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है और समाज को याद दिलाती है कि प्रत्येक लड़की का सम्मान, सुरक्षा और पालन-पोषण सुनिश्चित करना आवश्यक है।
यहां रहने वाली लड़कियों ने अपनी रचनात्मकता और कौशल का प्रदर्शन करते हुए कई सुंदर हस्तनिर्मित वस्तुएं तैयार की हैं। इनमें हाथ से बुने बैग, सजावटी हेयर क्लिप, मैक्रेमे वॉल हैंगिंग, मोतियों के कंगन, कढ़ाई वाले पाउच और हाथ से रंगे मिट्टी के दीये शामिल हैं। इन वस्तुओं को आगामी दिवाली बिक्री के दौरान जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डीएलएसए), अमृतसर द्वारा बेचा जाएगा। इस बिक्री से प्राप्त पूरी राशि स्टेट आफ्टर केयर होम फॉर गर्ल्स को दी जाएगी, जिसका उपयोग केवल लड़कियों के पालन-पोषण और उनके समग्र उत्थान के लिए किया जाएगा।
इस दौरे ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के संदेश को भी मजबूत किया, जो बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण पर जोर देता है। यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी को रेखांकित करता है कि प्रत्येक लड़की को महत्व दिया जाए, समान अवसर प्रदान किए जाएं और उसे सम्मान, स्वतंत्रता तथा आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने के योग्य बनाया जाए।
दुर्गा पूजा और दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत तथा दिव्य नारी शक्ति के उत्सव हैं। इन मूल्यों से प्रेरित होकर इस दौरे ने संदेश दिया कि त्योहारों का वास्तविक सार दया फैलाने, खुशियां बांटने और मानवता की सेवा करने में निहित है।
दौरे का समापन इस बात की पुनः पुष्टि के साथ हुआ कि लड़कियों और महिलाओं के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा करना तथा उनके समग्र कल्याण को सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर यह सार्थक संदेश दिया गया कि कन्या पूजन की सच्ची भावना प्रत्येक लड़की की रक्षा करने, उसकी शिक्षा और सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने तथा हर बेटी को देखभाल, सम्मान और आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने में निहित है।

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