किसान बढ़ते तापमान के प्रभाव को कम करें और मौसम के आधार पर फसलों की सिंचाई करें: डॉ. भूपिंदर सिंह

कल्याण केसरी न्यूज़, खडूर साहिब, 17 फरवरी 2026: गेहूं की बुवाई से लेकर कटाई तक तापमान का गेहूं की पैदावार, दाने की गुणवत्ता और फसल की अवधि पर सीधा प्रभाव पड़ता है। जिला तरनतारन के डिप्टी कमिश्नर श्री राहुल तथा मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. तेजबीर सिंह भंगू के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसानों को सही और सटीक जानकारी देने के लिए कृषि विभाग द्वारा गांवों में जाकर प्रसार सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
इसी कड़ी के तहत ब्लॉक खडूर साहिब के कृषि अधिकारी डॉ. भूपिंदर सिंह के नेतृत्व में ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर डॉ. यादविंदर सिंह ने नागोके, कल्ला, वेईं पूईं, खवासपुर, भरोवाल आदि गांवों का दौरा किया। किसानों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि फरवरी महीने में जिले में तापमान 28–30 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। इसके कारण किसान गेहूं की फसल को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
किसानों ने आशंका जताई कि लगातार बढ़ते तापमान की स्थिति में गेहूं की पैदावार प्रभावित हो सकती है तथा दाने सिकुड़ सकते हैं, जिससे नुकसान होने की संभावना है।
डॉ. भूपिंदर सिंह ने किसानों को सलाह दी कि वे बढ़ते तापमान के प्रभाव को कम करने के लिए मौसम के अनुसार फसलों की सिंचाई करें। उन्होंने कहा कि 30 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान से सामान्यतः फसल को नुकसान की संभावना नहीं होती, फिर भी आवश्यकता अनुसार सिंचाई करते रहना चाहिए।
डॉ. यादविंदर सिंह ने बताया कि यदि तापमान में लगातार वृद्धि बनी रहती है तो गेहूं की फसल प्रभावित होने का खतरा रहता है। हालांकि दोपहर में तापमान अधिक होने के बावजूद सुबह और शाम की हल्की ठंडक फसल को राहत प्रदान करती है, इसलिए अत्यधिक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
किसानों ने बताया कि इन दिनों 28–30 डिग्री सेल्सियस तापमान दानों के विकास में कठिनाई पैदा करता है। इस अवधि में अपेक्षाकृत ठंडा मौसम आवश्यक माना जाता है। बढ़ती गर्मी के कारण गेहूं की पैदावार कमजोर होने की संभावना रहती है। किसानों के अनुसार फरवरी महीने के अंतिम सप्ताह में गेहूं की फसल सामान्यतः तेजी से बढ़ती है, लेकिन इस बार दिन के तापमान में वृद्धि के कारण फसल का आकार अपेक्षाकृत छोटा रह रहा है। यदि समय पर वर्षा नहीं हुई तो बढ़ते तापमान के कारण गेहूं के दाने कमजोर और पतले हो सकते हैं। इस अवसर पर उनके साथ दिलबाग सिंह, संतोष सिंह, बलदेव सिंह तथा गांव के प्रगतिशील किसान भी उपस्थित थे।

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