
कल्याण केसरी न्यूज़, लुधियाना, 19 फरवरी 2026: भगवंत सिंह मान ने आज ऐतिहासिक किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक्स में शामिल होते हुए खेलों को नशों के खात्मे का सबसे प्रभावी हथियार बताया। उन्होंने कहा कि आगामी पंजाब बजट में खेलों के बजट में बढ़ोतरी की जाएगी, ताकि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में बैलगाड़ियों की दौड़ों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन उनकी सरकार ने कानून में संशोधन कर इन्हें फिर से शुरू किया है। उन्होंने कहा, “जब बच्चे मैदान में पसीना बहाएंगे और घरों में मेडल लेकर आएंगे, तो किसी भी नशा विरोधी मुहिम की जरूरत नहीं रहेगी।”
किला रायपुर खेलों की पुनर्स्थापना को पंजाब की ग्रामीण विरासत और संस्कृति का प्रतीक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति 2023 राज्य में खेलों की शान बहाल करने की दिशा में अहम कदम है। इसके तहत हर गांव में स्टेडियम बनाए जाएंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि किला रायपुर में आठ एकड़ में फैले तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा और गांव में एक आधुनिक लाइब्रेरी बनाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पिछली सरकारों द्वारा की गई भ्रष्टाचार और लीक को बंद कर रही है, जिससे जनता का पैसा बचाया जा रहा है और सीधे लोगों पर खर्च किया जा रहा है।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “खेल नशों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार हैं और राज्य सरकार आगामी बजट में खेलों के लिए और अधिक प्रावधान करेगी।” उन्होंने बताया कि सरकार पहले ही “खेडां वतन पंजाब दियां” के तीन सफल सीजन आयोजित कर चुकी है, जिनमें एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों ने भाग लिया।
नशों के खिलाफ अभियान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान चलाया जा रहा है और खेल इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के हर गांव में स्टेडियम बनाए जा रहे हैं और राज्य के युवा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

बैलगाड़ी दौड़ों को दोबारा शुरू करने के संबंध में उन्होंने बताया कि 11 जुलाई 2025 को पंजाब विधानसभा में ‘जानवरों पर अत्याचार निवारण (पंजाब संशोधन) अधिनियम, 2025’ सर्वसम्मति से पारित किया गया, जिससे इन दौड़ों को पुनः शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैल पंजाब की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं और गुरु नानक देव ने करतारपुर साहिब में खेती के दौरान बैलों का उपयोग किया था। उन्होंने कहा कि यह खेल मेला पंजाबी संस्कृति की जीवंत तस्वीर है, जहां कुश्ती, नृत्य और अन्य पारंपरिक खेलों के माध्यम से विरासत को देखा जा सकता है।
उन्होंने याद दिलाया कि ध्यान चंद, मिल्खा सिंह सहित कई महान खिलाड़ियों ने इस मैदान पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह खेल 1933 में शुरू हुए थे और आज “मिनी ओलंपिक” या “ग्रामीण ओलंपिक” के नाम से प्रसिद्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने किला रायपुर के विकास के लिए कई परियोजनाओं की घोषणा की, जिनमें गांव की सड़क चौड़ीकरण, सहकारी सभा का पुनर्जीवन, तालाब का सीचेवाल मॉडल पर विकास, लाइब्रेरी अपग्रेड और हॉकी एस्ट्रोटर्फ का निर्माण शामिल है। स्टेडियम में फ्लडलाइट्स भी लगाई जाएंगी। इसके अलावा डेहलोन से पखोवाल सड़क का नवीनीकरण 30 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत लोगों से 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज के लिए स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनवाने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यह राज्य का सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम है, जिससे लगभग 65 लाख परिवारों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद कर्तार सिंह सराभा के नाम पर रखने की मांग की है, जो 19 वर्ष की आयु में शहीद हो गए थे। इस अवसर पर ‘आप’ के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां, तरुणप्रीत सिंह सौंद तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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