संत निरंकारी मिशन द्वारा ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान का चौथा चरण शुरू, देशभर में 1500 से अधिक स्थानों पर हुई सेवा

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 22 फरवरी 2026: जब सेवा साधना बन जाए और प्रकृति के प्रति संवेदना जीवन का मूल मंत्र हो, तब पावन संकल्प जन्म लेते हैं। मानव सेवा और लोक कल्याण की इसी दिव्य चेतना को साकार रूप देने के लिए संत निरंकारी मिशन द्वारा ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के अंतर्गत ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान के चौथे चरण का भव्य शुभारंभ रविवार, 22 फरवरी 2026 को प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक, परम आदरणीय सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के निर्देशन में पूरे भारत में व्यापक स्तर पर किया जा रहा है।


पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री स. हरभजन सिंह ईटीओ ने आज सेवा कार्यों में भाग लेकर संत निरंकारी मिशन द्वारा किए जा रहे मानवतावादी प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संत निरंकारी मिशन द्वारा ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के अंतर्गत ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान चलाना अत्यंत प्रशंसनीय पहल है और हमें इन सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।


डेरा कार सेवा संत बाबा भूरी वाले जी की ओर से इस अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग प्रदान किया गया। समाज सेवा के तहत पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सक्रिय भागीदारी निभाई गई। उल्लेखनीय है कि संस्था की तरफ से तारा वाला पुल से लेकर सुल्तानविंड नहर और तरन तारन नहर तक नहरों के किनारों की नियमित साफ-सफाई तथा सौंदर्यीकरण के लिए निरंतर प्रयास किए जाते रहे हैं और आगे भी जारी हैं।


इस अभियान को सफल बनाने में नगर निगम कमिश्नर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल और डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह का भी महत्वपूर्ण और सराहनीय योगदान रहा। अधिकारियों ने प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए और संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया।


इस अवसर पर संत निरंकारी मंडल के सचिव श्री जोगिंदर सुखीजा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह विशाल अभियान देशभर में 1500 से अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजित किया जा रहा है। इस व्यापक स्तर के कारण यह पहल ऐतिहासिक रूप धारण कर रही है, जो जल संरक्षण और स्वच्छता के संदेश को समाज के हर वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएगी।
इसी अभियान के अंतर्गत शहर में चाटीविंड नहर वल्ल्हा पुल, तारा वाला पुल, सुल्तानविंड पुल नहर के किनारों तथा उसके आसपास के क्षेत्रों की सफाई की गई। इस अभियान में संत निरंकारी मिशन के हजारों स्वयंसेवकों ने भाग लिया और इसके उपरांत संत निरंकारी सत्संग भवन, खानकोट में विशाल सत्संग का आयोजन किया गया।


उन्होंने कहा कि इस पहल का मूल उद्देश्य समाज को यह एहसास कराना है कि पानी केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार और परमात्मा की अमूल्य देन है, जिसकी रक्षा करना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। संत निरंकारी मिशन ने बाबा हरदेव सिंह की प्रेरणादायक शिक्षाओं को अपनाते हुए वर्ष 2023 में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से ‘प्रोजेक्ट अमृत’ की शुरुआत की थी। यह पवित्र पहल जल संरक्षण को केवल एक दिन या अभियान तक सीमित न रखकर उसे जीवनशैली, संस्कार और सेवा-भावना के रूप में अपनाने की प्रेरणा देती है, जिससे स्वच्छ जल के साथ स्वच्छ मन और स्वच्छ समाज की स्थापना संभव हो सके।


नदियों, झीलों, तालाबों, कुओं और झरनों जैसे प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और सुधार के लिए समर्पित इस जन-आंदोलन ने अपने पहले तीन चरणों में सेवा, समर्पण और सहभागिता की अनूठी मिसाल पेश की है। इन्हीं उपलब्धियों से प्रेरित होकर इस चरण को और अधिक विस्तृत, संगठित और दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ लागू किया जा रहा है, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग में प्रकृति के प्रति जागरूकता और सहभागिता की मजबूत भावना विकसित की जा सके।
गीतों की मधुर प्रस्तुतियों, सामूहिक गायन, जागरूकता सेमिनारों और सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से जल जनित रोगों और स्वच्छता के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। यह पहल स्मरण कराती है कि जब मन निर्मल होता है, तभी प्रकृति भी स्वच्छ होती है, और जब सेवा में समर्पण जुड़ जाता है, तब समाज का नव-निर्माण होता है।
उन्होंने आगे कहा कि सतगुरु माता जी का संदेश सदैव यही रहा है कि हम इस धरती को आने वाली पीढ़ियों के लिए पहले से अधिक सुंदर, स्वच्छ और संतुलित रूप में संजोकर रखें। ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान उसी पावन संकल्प का सजीव प्रतीक है, जो मानव को प्रकृति, समाज और आत्मा से जोड़ते हुए करुणा, संतुलन और सद्भावना से परिपूर्ण भविष्य की ओर मार्गदर्शन करता है।

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