प्रदेशभर में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल नेटवर्क को और मजबूत किया जाएगा: चेयरमैन छीना
कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 22 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेशवासियों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए बड़े प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेशभर में 881 आम आदमी क्लीनिक संचालित हैं, जहां बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। पिछले महीने के दौरान ही इन क्लीनिकों में गर्भवती महिलाओं की संख्या में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
यह जानकारी देते हुए पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉरपोरेशन के नव-नियुक्त चेयरमैन श्री गुरशरण सिंह छीना ने बताया कि आम आदमी क्लीनिकों में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं के रूप में चिन्हित मामलों की संख्या राज्य स्तर पर 29 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे शुरुआती चिकित्सा उपचार संभव हो पा रहा है और माताओं एवं नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
चेयरमैन श्री गुरशरण सिंह छीना ने बताया कि मान सरकार द्वारा राज्य में शीघ्र ही 243 नए आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे, जबकि 308 उप-स्वास्थ्य केंद्रों को आम आदमी क्लीनिक के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नई सेवाओं में नवजात और शिशु देखभाल, नियमित टीकाकरण तथा मुंह और प्रोस्टेट कैंसर की स्क्रीनिंग शामिल की जाएगी। उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर पर रेफरल मामलों को कम करने और अधिक उपचार सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ब्लॉक स्तरीय संस्थानों को मजबूत करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
चेयरमैन श्री गुरशरण सिंह छीना ने बताया कि 14 जिलों ने आम आदमी क्लीनिकों में 102 आवश्यक दवाइयों में से कम से कम 97 दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि स्टॉक में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले प्रत्येक मरीज को निर्धारित दवाइयां और जांच सेवाएं मुफ्त उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ई-औषधि और जिला स्तरीय डैशबोर्ड के माध्यम से निगरानी को और तेज किया जाएगा।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के संबंध में चेयरमैन श्री छीना ने कहा कि इस योजना के तहत प्रति परिवार सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य चिकित्सा आपातकाल की स्थिति में परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को पूरी तरह कम करना है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्बाध पंजीकरण और सेवाएं सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी इलाज से वंचित न रहे।
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