
कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 5 नवंबर 2026: बच्चों के अधिकारों के लिए कार्य करने वाली संस्था ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन’ की सहयोगी संस्था जिला युवा विकास संगठन की अमृतसर टीम द्वारा बाल विवाह के खिलाफ चलाई जा रही 100 दिवसीय ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ मुहिम के तहत आज महत्वपूर्ण बैठकें की गईं।
सबसे पहले जिला युवा विकास संगठन की टीम द्वारा जिला बाल संरक्षण इकाई, अमृतसर में श्री तरनजीत सिंह, जिला बाल संरक्षण अधिकारी के साथ बैठक की गई। बैठक के दौरान आगामी 27 नवंबर को बाल विवाह मुक्त दिवस के अवसर पर अमृतसर जिले में बड़े स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने संबंधी विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान जिला युवा विकास संगठन की टीम ने बताया कि इस अभियान के तहत अमृतसर जिले के विभिन्न गांवों और क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम, जागरूकता रैलियां, अभियान, शपथ ग्रहण समारोह और सामुदायिक स्तर पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही पंचायतों, स्कूलों, धार्मिक स्थलों, धार्मिक नेताओं, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों को इस अभियान से जोड़कर बाल विवाह के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता पैदा करने पर जोर दिया गया।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री तरनजीत सिंह ने अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि प्रशासन, बाल संरक्षण विभाग, पुलिस, पंचायतों, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक नेताओं और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त किया जा सकता है।
इसके बाद जिला युवा विकास संगठन की टीम द्वारा जिला लोक संपर्क अधिकारी श्री योगेश कुमार शर्मा के साथ बैठक की गई। बैठक के दौरान बाल विवाह मुक्त अभियान के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने संबंधी विचार-विमर्श किया गया। संगठन की ओर से कहा गया कि मीडिया के माध्यम से बाल विवाह के दुष्प्रभावों और इसकी रोकथाम के संबंध में समाज के हर वर्ग तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया जा सकता है।
जिला युवा विकास संगठन के अध्यक्ष श्री परमजीत सिंह बडोला ने कहा कि, “बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। इससे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। बाल विवाह को समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। हमारा उद्देश्य है कि अमृतसर जिले के हर गांव और हर समुदाय तक बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता का संदेश पहुंचे और संयुक्त प्रयासों से अमृतसर को बाल विवाह मुक्त बनाया जा सके।”
जिला युवा विकास संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अमित चोपड़ा ने कहा कि संगठन द्वारा ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन’ के सहयोग से बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और बाल विवाह की रोकथाम के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी 100 दिवसीय अभियान के दौरान जिले में अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर बाल विवाह के खिलाफ एक मजबूत जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
जिला युवा विकास संगठन की टीम ने जिला प्रशासन, संबंधित विभागों, पंचायतों, धार्मिक नेताओं, मीडिया और आम नागरिकों से अपील की कि वे 27 नवंबर को बाल विवाह मुक्त दिवस और 100 दिवसीय अभियान के दौरान आयोजित की जाने वाली गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लें तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने में अपना सहयोग दें।

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