70,000 पौधों का संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर पौधारोपण

दिल्ली : संत निरंकारी मिशन के 71वें वार्षिक संत समागम की तैयारियों के चलते हुए संत निरंकारी आध्यात्म्कि स्थल, जी.टी. रोड, समालखा पर आज 70,000 पौधे लगाए गए। इस अभियान के आरंभिक भागीदारों में श्री रमेश कौशिक, संसद सदस्य, सोनीपत तथा संत निरंकारी चेरिटेबल फाउंडेशन के कार्यकारी अध्यक्ष परम पूज्य बिन्दिया छाबड़ा जी प्रमुख थे। इस अभियान में फाउंडेशन, संत निरंकारी सेवादल तथा संत निरंकारी मिशन के लगभग 5000 स्वयं सेवको ने योगदान दिया। इस अभियान का आयोजन हीरो-टाइम्स आॅफ इंडिया ग्रीन इन्डिया ड्राईव के अंतर्गत किया गया।

इस अवसर पर श्री कौशिक जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एक आत्मिक प्रयास सदैव सफल रहता है और पौधा रोपण का कार्य हम सब के भविष्य के लिये है। केवल पौधा रोपण ही विशेष नहीं है बल्कि उस पौधे की देख-रेख भी अनिवार्य है। उन्होंने संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के इस प्रयास की सराहना की और क्षेत्र की ओर से फाउन्डेशन को धन्यवाद दिया।

आदरणीय बिन्दिया छाबड़ा जी ने इस अवसर पर कहा कि बाबा हरदेव सिंह जी के पावन आशीर्वाद तथा निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा जी के आध्यात्मिक मार्गदर्शन से ही फाउंडेशन समाज की सेवा कर पा रही है। उन्होंने इस अभियान में भाग लेने वालों को दैवी गुण जैसे सहनशीलता, भाईचारा, प्रेम, परस्पर सत्कार तथा समाज की निस्वार्थ सेवा के बीज़ बौने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की सेवा के लिये हमें स्वयं को प्रस्तुत करना पड़ता है और केवल बातों से बात नहीं बनती। पौधा-रोपण आज के प्रदूषित वातावरण को रोकने का सर्वोत्तम उपाय है। आज मानव को न केवल बाहरी सुन्दरता बल्कि आध्यात्मिक सुन्दरता भी आवश्यक है। उन्होंने बाबा हरदेव सिंह जी के भावों को दोहराया कि ‘प्रदूषण अंदर हो या बाहर, दोनों ही हानिकारक है’।

यह उल्लेखनिय है कि विशेष वृक्षा-रोपण अभियान के अंतर्गत, फाउंडेशन ने करीब 10 लाख पौधों का देश के विभिन्न भागों मंे रोपण किया है जिनमें करीब 70 प्रतिशत सफल रहे हैं। इस अवसर पर टाइम्स आॅफ इन्डिया तथा हीरों ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारी तथा निकटवर्ती गांव के सरपंच भी उपस्थित थे।

Check Also

आम आदमी पार्टी ने विज्ञापनों के दम पर पंजाब को ठगा, हर मोर्चे पर सरकार विफल: गुरजीत सिंह औजला

कांग्रेस का बड़ा हमला: 48,000 रुपये का बकाया दिए बिना महिलाओं से वोट मांगना शर्मनाकअमृतसर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *