
जिले के अधिकारियों ने अपने स्तर पर 100 मरीजों को किया अडॉपट
टीबी के खात्मे के लिए चलाई जा रही 100 दिवसीय विशेष मुहिम
कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 1 जनवरी 2025: राष्ट्रीय तपदिक मिटाओ प्रोग्राम के तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पंजाब द्वारा टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया गया है। जन-जन का रखें ध्यान, टीबी मुक्त भारत अभियान और सारे होंगे अगर साथ तो टीबी देंगे मात के नारे के तहत इस अभियान को ग्राम स्तर तक ले जाया जाएगा।
इसकी घोषणा करते हुए डिप्टी कमिश्नर अमृतसर साक्षी साहनी ने कहा कि खांसी ही टीबी का एकमात्र लक्षण नहीं है, अगर आपको खांसी के साथ कफ, खून आना, बुखार, सीने में दर्द, शारीरिक बदलाव, वजन कम होना, रात को पसीना आना, पुरानी बीमारी या थकान होती है तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी का कर्तव्य है कि टीबी मरीजों की मदद करें।
बता दें कि इस अभियान के तहत जिला प्रशासन द्वारा 1700 टीबी मरीजों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए गोद लिया गया है, जिनमें से 100 टीबी मरीजों को जिला प्रशासन के अधिकारियों ने गोद भी लिया है और उनका सारा खर्च भी इन्हीं अधिकारियों ने उठाया है। बता दें कि डीसी द्वारा 10 मरीजों को गोद लिया गया है। इसके अलावा प्रशासन के अन्य अधिकारियों द्वारा भी टीबी मरीजों को गोद लिया जा रहा है ताकि जिले को टीबी मुक्त बनाया जा सके।
डिप्टी कमिश्नर अमृतसर साक्षी साहनी ने कहा कि हर टीबी मरीज का रिकॉर्ड रखा जाएगा और हर जरूरतमंद मरीज को विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार उचित खुराक दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जो मरीज आर्थिक असमर्थता के कारण उचित भोजन नहीं ले रहे हैं, उन्हें जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, रेडक्रॉस, धार्मिक संगठनों एवं दानदाताओं के सहयोग से हर माह भोजन उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
डिप्टी कमिश्नर साहनी ने कहा कि अमृतसर को जिले से टीबी खत्म करने वाला देश का पहला जिला होना चाहिए और इसके लिए जो भी समय, संसाधन, धन और ऊर्जा की आवश्यकता होगी हम निवेश करेंगे। उन्होंने जिले में मौजूद 5 हजार से अधिक मरीजों की उनके निवास स्थान के अनुसार मैपिंग करने के भी निर्देश दिए ताकि आशा कार्यकर्ताओं या अन्य कर्मचारियों को उनके क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए ऐसे मरीजों को दवा और भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था एवं साधन स्थापित किये जायें कि प्रत्येक मरीज को अपनी दैनिक दवा लेने के लिए उसके मोबाइल फोन पर दो बार संदेश मिले तथा इसके अलावा जब उसकी खुराक या दवा खत्म हो जाये तो उसे एक हेल्पलाइन नंबर दिया जाये ताकि वह मदद के लिए कॉल कर सकते हैं। इस कारण वे जेल में बंद कैदियों में से टीबी के मरीजों की पहचान सुनिश्चित करेंगे और उनका इलाज भी सुनिश्चित किया जायेगा।
डिप्टी कमिश्नर ने अमृतसर के लोगों से इस नेक काम के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने जन्मदिन, शादी की सालगिरह आदि पर टीबी मरीजों को गोद लेते हैं और जरूरतमंद मरीजों के लिए भोजन और दवा की व्यवस्था करते हैं ताकि ये दिन उनके लिए यादगार बन सकें। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने टीबी मरीजों के लिए हेल्पलाइन नंबर 0183-2422155 और मोबाइल नंबर 9056454988 जारी किया है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जो लोग टीबी के मरीजों को गोद लेना चाहते हैं। वे इस नेक कार्य के लिए दी गई हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं और नि-क्षय पोर्टल पर पंजीकरण कराकर जरूरतमंदों की मदद भी कर सकते हैं।