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डिप्टी कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की समीक्षा की

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 1 जनवरी 2025: डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने जिला प्रबंधकीय कॉम्प्लेक्स में स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सुविधाओं को न्यूनतम स्तर पर लाया जाए। उन्होंने कहा कि विशेषकर सीमा क्षेत्र से सटे गांवों में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ता है और स्वास्थ्य विभाग का यह कर्तव्य है कि ग्रामीण स्तर तक उनकी पहुंच सुनिश्चित कर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएं। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र के गांवों में लोगों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए और जरूरत पड़ने पर सुपरस्पेशलिटी डॉक्टरों की सेवाएं ली जाएं।

बैठक को संबोधित करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में खोला गया आम आदमी क्लीनिक लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि इन क्लीनिकों में 80 तरह की दवाइयां और 38 तरह के लैब टेस्ट बिल्कुल मुफ्त किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 2022 से नवंबर 2024 तक 2426783 लोगों ने आम आदमी क्लीनिक में इलाज कराया है और 403129 लोगों का मुफ्त लैब टेस्ट किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2024 तक तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कोटपा अधिनियम के तहत 2017 का चालान काटकर 57730/- रुपये का जुर्माना लगाया गया है और जिले के 7 गांवों को तंबाकू मुक्त बनाया गया है।

बैठक को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डा. किरणदीप कौर ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल शहरी आबादी 1318520 और ग्रामीण आबादी 1406113 है, जिन्हें 7 स्वास्थ्य खंड, 1 जिला अस्पताल, 2 मेडिकल कॉलेज, 2 उपमंडलीय अस्पताल, 8 सीएचसी, 16 शहरी पीएचसी, 28 पीएचसी, 819 गांव स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियों में 1139 आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों में तथा 382 आशा कार्यकर्ता शहरी क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के कल्याण के लिए बहुत महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों और अनुसूचित जाति की महिलाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी अस्पतालों और मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में प्रसव के लिए 700/- रुपये और शहरी महिलाओं को 600/- रुपये दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूलों में एक बार तथा आंगनवाडी केन्द्रों में दो बार जांच की जाती है तथा इस योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 888 स्कूलों में 108614 विद्यार्थियों की डॉक्टरों द्वारा जांच की गई है।

सिविल सर्जन ने बताया कि मुख्यमंत्री कैंसर राहत कोष योजना के तहत कैंसर मरीजों के लिए संबंधित सरकारी अस्पताल/मान्यता प्राप्त अस्पताल को 1.50 लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाती है और इस योजना से जनवरी 2024 से नवंबर तक 150 मरीजों को लाभ मिला है। जिले में 2024 लाभान्वित हुए हैं।

बैठक के दौरान डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डा. गुरमीत कौर ने कहा कि आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना वर्ष 2019 में शुरू की गई थी। जिसके तहत जिले में 11 सरकारी अस्पताल और 77 निजी अस्पताल सूचीबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 2019 से नवंबर 2024 तक 135089 मरीजों को 182,80,20,802/- रुपये की सहायता दी गयी है। डॉ. गुरमीत कौर ने कहा कि इस योजना के तहत 619650 राशन कार्ड धारक, 35097 किसान, 1352 निर्माण श्रमिक, 165 छोटे व्यापारी, 184 पत्रकार और गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 54305 परिवार नामांकित हैं।

इस बैठक में सहायक सिविल सर्जन डॉ. राजिंदरपाल कौर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. भारती धवन, जिला परिवार एवं कल्याण अधिकारी डा. नीलम भगत, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डॉ. राजिंदरपाल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जसपाल सिंह, जिला टीबी अधिकारी डॉ. विजय, डिप्टी मास मीडिया अधिकारी अमनदीप सिंह और अन्य डॉक्टर उपस्थित थे।

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