
कल्याण केसरी न्यूज़, चंडीगढ़, 22 दिसंबर 2025: सामुदायिक डाग्ज़ के अधिकारों की रक्षा और उनके खिलाफ हो रही कथित कानूनी अनियमितताओं के विरोध में चंडीगढ़ में पशु कल्याण कार्यकर्ताओं और संवेदनशील नागरिकों द्वारा एक बड़ा शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में शामिल सभी प्रतिभागियों ने काले वस्त्र पहनकर नगर निगम चंडीगढ़ और प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में आकर्षक और प्रभावशाली प्लेकार्ड थामे हुए थे, जिनके माध्यम से सामुदायिक बेज़ुबान जानवरों के प्रति हो रहे अन्याय, पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियमों के उल्लंघन और सुप्रीम कोर्ट तथा पशु कल्याण बोर्ड के दिशा-निर्देशों की अनदेखी को उजागर किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सामुदायिक डाग्ज़ मूक प्राणी हैं और अपने अधिकारों के लिए आवाज़ नहीं उठा सकते।
प्रदर्शन का नेतृत्व हर्ष, उपासना, रमनप्रीत और दीक्षा ने किया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सामुदायिक जानवरों के साथ हो रही क्रूरता पर तत्काल रोक लगाई जाए, अवैध रूप से कुत्तों को उठाने की कार्रवाई बंद हो और कानून के तहत मानवीय समाधान अपनाए जाएं।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे केवल करुणा, संवैधानिक मूल्यों और कानून के पालन की मांग कर रहे हैं। चंडीगढ़ में हेल्थ डिपार्टमेंट के सामने सामुदायिक डाग्ज़ के हक़ में बड़ा शांतिपूर्ण प्रदर्शन
चंडीगढ़: सामुदायिक डाग्ज़ के अधिकारों की रक्षा और उनके खिलाफ हो रही कथित कानूनी अनियमितताओं के विरोध में चंडीगढ़ में पशु कल्याण कार्यकर्ताओं और संवेदनशील नागरिकों द्वारा एक बड़ा शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में शामिल सभी प्रतिभागियों ने काले वस्त्र पहनकर नगर निगम चंडीगढ़ और प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में आकर्षक और प्रभावशाली प्लेकार्ड थामे हुए थे, जिनके माध्यम से सामुदायिक बेज़ुबान जानवरों के प्रति हो रहे अन्याय, पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियमों के उल्लंघन और सुप्रीम कोर्ट तथा पशु कल्याण बोर्ड के दिशा-निर्देशों की अनदेखी को उजागर किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सामुदायिक डाग्ज़ मूक प्राणी हैं और अपने अधिकारों के लिए आवाज़ नहीं उठा सकते।
प्रदर्शन का नेतृत्व हर्ष, उपासना, रमनप्रीत और दीक्षा ने किया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सामुदायिक जानवरों के साथ हो रही क्रूरता पर तत्काल रोक लगाई जाए, अवैध रूप से कुत्तों को उठाने की कार्रवाई बंद हो और कानून के तहत मानवीय समाधान अपनाए जाएं।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे केवल करुणा, संवैधानिक मूल्यों और कानून के पालन की मांग कर रहे हैं।
Kalyan Kesari हिन्दी समाचार पत्र