
कल्याण केसरी न्यूज़, चंडीगढ़, 23 दिसंबर 2025: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने सिख धर्म, सिख इतिहास और गुरु साहिबान की अद्वितीय कुर्बानियों को न केवल देश में, बल्कि पूरी दुनिया में सम्मान और गौरव दिलाने के लिए ऐतिहासिक पहल की हैं। इसी दिशा में 26 दिसंबर को “वीर बाल दिवस” की घोषणा एक ऐतिहासिक कदम है, जिसके माध्यम से छोटे साहिबज़ादों की अनुपम शहादत को राष्ट्रीय चेतना से जोड़ा गया है।
ये बातें आज भारतीय जनता पार्टी, पंजाब के प्रदेश उपाध्यक्ष सरदार बिक्रम चीमा, प्रदेश महासचिव सरदार दयाल दास सोढ़ी और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह राय ने पंजाब भाजपा के मुख्य कार्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान कहीं। इस अवसर पर विनीत जोशी, प्रदेश मीडिया प्रमुख, भाजपा पंजाब भी उपस्थित रहे।
साहिबज़ादों की शहादत का संदेश हर भाषा, हर वर्ग तक
सरदार बिक्रम चीमा ने जानकारी देते हुए बताया कि भाजपा द्वारा देश के 768 जिलों में एक साथ साहिबज़ादों की शहादत को समर्पित व्यापक स्तर के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से गुरु साहिबान के बलिदान और उपदेश हर क्षेत्र और हर वर्ग तक पहुंचाए जाएंगे। यह संदेश बंगाली, तेलुगु, कन्नड़, तमिल, मराठी, गुजराती, असमिया सहित हर राज्य की मातृभाषा में लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
सिख मुद्दों पर संवेदनशीलता और दृढ़ता — भाजपा की पहचान
सरदार मनजीत सिंह राय ने जोर देकर कहा कि भाजपा ही वह एकमात्र पार्टी है जो सिख धर्म से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ कार्य करती आई है। करतारपुर कॉरिडोर, सिख इतिहास को शिक्षा प्रणाली से जोड़ना, तथा गुरु साहिबान के प्रकाश पर्वों और शहीदी दिवसों को देश-विदेश में सरकारी और गैर-सरकारी स्तर पर बड़े पैमाने पर मनाना इसके सजीव उदाहरण हैं।
उन्होंने कहा कि जिस लाल किले से गुरु तेग बहादुर पातशाह जी का शीश धड़ से अलग करने का आदेश सुनाया गया था, उसी लाल किले पर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गुरु तेग बहादुर साहिब जी के प्रकाश पर्व और शहीदी दिवस मनाए गए। इसके अलावा 1984 के सिख नरसंहार के दोषियों को सज़ा दिलवाना और पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा देकर दिल्ली और हरियाणा में सरकारी नौकरियां देना भाजपा सरकारों की संवेदनशील सोच का प्रमाण है।
वीर बाल दिवस पर गुरुद्वारों से स्कूलों तक व्यापक कार्यक्रम
भाजपा पंजाब के कार्यक्रमों के शेड्यूल की जानकारी देते हुए सरदार दयाल दास सोढ़ी ने बताया कि 26 दिसंबर को “वीर बाल दिवस” के अवसर पर पंजाब के हर जिले में विशेष आयोजन किए जाएंगे। इसके अंतर्गत गुरुद्वारों में शबद कीर्तन और साहिबज़ादों की शहादत पर कथाएं, स्कूलों और कॉलेजों में सेमिनार, भाषण और जागरूकता कार्यक्रम, शहीदी इतिहास से संबंधित प्रदर्शनियां, पोस्टर और बैनर लगाए जाएंगे। युवाओं और समाज के हर वर्ग की भागीदारी के साथ एक व्यापक प्रचार अभियान भी चलाया जाएगा।
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