नकली स्वास्थ्य मंत्री बनकर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर की बड़ी कार्रवाई

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 3 फरवरी 2026: कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने स्वयं को पंजाब सरकार का कैबिनेट मंत्री (स्वास्थ्य) एवं उनके कार्यालय का अधिकारी बताकर सरकारी कर्मचारियों पर दबाव बनाने और अवैध निर्देश जारी करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस संबंध में प्राप्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को काबू किया। पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ थाना ए-डिवीजन में मामला दर्ज किया गया है।
सिविल अस्पताल अमृतसर में तैनात एक वरिष्ठ मेडिकल अधिकारी (एसएमओ) से एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में बताया गया कि 3 फरवरी को सुबह करीब 10:34 बजे उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने पहले स्वयं को पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह बताते हुए सिविल अस्पताल अमृतसर में कथित कुप्रबंधन के आरोप लगाए और डराने-धमकाने वाली भाषा का प्रयोग किया।
फोन करने वाले ने सरकारी कार्यों में अवैध हस्तक्षेप करते हुए कई गैर-कानूनी निर्देश देने की कोशिश की, जिनमें कुछ कर्मचारियों को सेवा से हटाने की बात, विशेष व्यक्तियों को खास पदों पर बनाए रखने का दबाव, अस्पताल स्टाफ के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करना तथा सरकारी मशीनरी और मंत्री वाहनों से झूठे संबंध होने का दावा शामिल था।
जब शिकायतकर्ता ने उसकी पहचान को लेकर दोबारा सवाल किया, तो आरोपी ने अपना बयान बदलते हुए खुद को स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय से गुरजीत सिंह बताया। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने बार-बार झूठे अधिकार का दावा कर मानसिक दबाव बनाया।
इसके बाद एसएमओ ने यह मामला सिविल सर्जन अमृतसर के संज्ञान में लाया। सिविल सर्जन ने इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह से संपर्क किया, जिन्होंने स्पष्ट रूप से किसी भी प्रकार की कॉल या निर्देश जारी करने से इनकार किया और मामले में कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
शिकायत की जांच के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी द्वारा सरकारी अधिकारियों को प्रभावित करने के उद्देश्य से पहचान की नकल, आपराधिक धमकी और अधिकारों के दुरुपयोग का प्रयास किया गया। इसके बाद कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरजीत सिंह निवासी गुरबख्श नगर, अमृतसर के रुप में हुई है।
आरोपी के खिलाफ पहले से ही धोखाधड़ी के कुल 6 मामले दर्ज हैं, जिनमें थाना ए-डिवीजन और थाना गेट हकीमा, अमृतसर में दर्ज एफआईआर शामिल हैं।
कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने स्पष्ट किया है कि सरकारी पदों और अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर ठगी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

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