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आप और कांग्रेस साजिशन गठबंधन के तहत केंद्र और भाजपा के खिलाफ भ्रम फैलाने की नापाक कोशिश कर रहे हैं: सुनील जाखड़

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर आप–कांग्रेस के भ्रमजाल को तोड़ा

कल्याण केसरी न्यूज़, चंडीगढ़, 19 मार्च 2026: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा है कि आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस साजिश के तहत पंजाब के असली मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए गठबंधन में हैं। उन्होंने केंद्र और भाजपा के खिलाफ पंजाब में भ्रम फैलाने को लेकर इन दोनों पार्टियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में केंद्र के खिलाफ नफरत फैलाने की यह साजिश राज्य के भविष्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है।
तथ्यों और आंकड़ों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आखिरकार 6 महीने बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मान लिया है कि केंद्र से आपदा राहत के लिए 13 हजार करोड़ रुपये आए थे, जिनमें से केवल 477 करोड़ रुपये खर्च किए गए और बाकी राशि पिछली सरकारों द्वारा खर्च कर दी गई। उन्होंने हैरानी जताई कि मुख्यमंत्री को सरकारी खजाने का हिसाब देखने में इतना समय क्यों लगा।
उन्होंने कहा कि जिन पर यह राशि गबन करने के आरोप लगाए जा रहे हैं, उसी कांग्रेस के नेता संसद में आप सरकार के पक्ष में बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विपक्ष की भूमिका निभाने में पूरी तरह विफल रही है और उसके नेता या तो भगवंत मान के सामने झुक गए हैं या अपने पिछले भ्रष्टाचार के कारण बोलने की स्थिति में नहीं हैं। अब दोनों पार्टियां मिलकर पंजाब के लोगों में केंद्र और भाजपा के खिलाफ नफरत फैलाने का काम कर रही हैं।
सुनील जाखड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के खिलाफ बनाए जा रहे कथित नैरेटिव को तथ्यों के आधार पर खारिज करते हुए कहा कि यूपीए सरकार के समय देश का कृषि बजट 21,933 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 1.30 लाख करोड़ रुपये हो गया है। पीएम किसान योजना के तहत किसानों को 4.27 लाख करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि यूपीए सरकार के समय खाद पर 18,460 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाती थी, जबकि भाजपा सरकार इस साल 1.77 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही है। एमएसपी पर फसलों की खरीद में यूपीए ने 4.75 लाख करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि भाजपा सरकार ने 18.98 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। पहली बार दालों और तिलहन की भी एमएसपी पर खरीद शुरू की गई है। पंजाब में गेहूं और धान का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदा जा रहा है।
पंजाब के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी कृषि नीति लागू क्यों नहीं कर रही। अक्टूबर 2023 से नीति का मसौदा तैयार है, लेकिन इसे लागू करने में देरी क्यों हो रही है। यदि इसमें कोई कमी है तो सरकार उसे सुधारने के लिए क्या कर रही है। उन्होंने कहा कि जब उद्योग नीति उद्योगपतियों से बनवाई जा सकती है तो कृषि नीति किसानों से क्यों नहीं बनवाई जा रही।
पंजाब के पानी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाजपा का हमेशा यह रुख रहा है कि पंजाब को उसके कानूनी अधिकार मिलें। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में नहरों और खालों पर जो खर्च हुआ है, वह केंद्र सरकार द्वारा दिया गया है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री केंद्र के पैसे से काम करवाकर श्रेय खुद ले रहे हैं और केंद्र की आलोचना भी करते हैं।
उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन के लिए भी केंद्र सरकार से बड़ी राशि मिलती है, जिसका जिक्र राज्य सरकार नहीं करती। इसके अलावा फसल बीमा योजना लागू नहीं की जा रही है। मुख्यमंत्री ने अपनी योजना लागू करने की बात कही थी, लेकिन अब तक वह लागू क्यों नहीं की गई।
सुनील जाखड़ ने अंत में कहा कि आप और कांग्रेस एक एजेंडे के तहत भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पंजाब के जागरूक लोग अब सच्चाई समझ चुके हैं और केंद्र सरकार द्वारा किसानों सहित हर वर्ग के लिए किए जा रहे काम को पहचानते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में पंजाब की जनता आप और कांग्रेस के झूठ का जवाब देगी।

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