
कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 24 मार्च 2026: एयरलाइन कैप्टन स्नेहांक छेड़े (मुंबई) और कैप्टन मनधीर मोंगा (पट्टी, जिला तरनतारन, पंजाब) के रहने वाले कमर्शियल पायलटों ने तनावपूर्ण, युद्ध जैसी स्थिति में हिम्मत और जिम्मेदारी की मिसाल पेश की। उन्होंने एक विशेष बचाव उड़ान के जरिए अरब देश से 170 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित भारत वापस लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बताया जाता है कि जब कैप्टन मनधीर मोंगा (पट्टी) को इस मिशन के बारे में पता चला, तब स्थिति बेहद संवेदनशील थी। इसके बावजूद वे हिम्मत से डटे रहे और अपने परिवार से बात करने के बाद इस जिम्मेदारी को स्वीकार किया। उन्होंने भावुक होकर कहा, “मम्मी-पापा से उड़ान से पहले कॉल पर बात की और कहा कि ‘मैं अपने देश के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी निभाने जा रहा हूं। निरंकार की कृपा से हम फिर जरूर मिलेंगे।’”
उन्हें रोकने की बजाय परिवार ने उनका हौसला बढ़ाया और अपनी ड्यूटी निभाने के लिए आशीर्वाद दिया। इस बचाव मिशन की खास बात यह थी कि इसमें हिम्मत और जिम्मेदारी की अनोखी मिसाल देखने को मिली। एयरलाइन के दो कैप्टन समेत कुल 6 क्रू सदस्य थे, जिनमें 4 महिलाएं भी शामिल थीं।
13 मार्च को भारत से अरब देश के लिए उड़ान भरी गई और लगभग 6 से 7 घंटे के भीतर 340 फंसे भारतीय यात्रियों को सुरक्षित भारत के कालीकट (केरल) लाया गया। यात्रियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। कई लोगों ने दिल से क्रू सदस्यों का धन्यवाद किया और कहा कि उनकी वजह से ही वे सुरक्षित घर लौट पाए।
यह भी उल्लेखनीय है कि उड़ान के दौरान लगभग डेढ़ घंटे तक एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) से संपर्क टूट गया था, लेकिन फिर भी बिना घबराए दोनों कैप्टनों ने अपने कौशल से स्थिति को संभाल लिया।
कैप्टन मनधीर मोंगा (पट्टी) और उनकी टीम की इस बहादुरी और जिम्मेदारी की पूरे इलाके में सराहना हो रही है।

Kalyan Kesari हिन्दी समाचार पत्र