सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पैथोलॉजी सम्मेलन का शुभारंभ

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने अंतरराष्ट्रीय पैथोलॉजी सम्मेलन का किया उद्घाटन

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 21 फरवरी 2026: ए.आई.पी.एन.ए.-आई.सी.पी.-2026 अंतरराष्ट्रीय पैथोलॉजी सम्मेलन का शुभारंभ सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर में हुआ। तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय पैथोलॉजी सम्मेलन का उद्घाटन राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने किया। इस सम्मेलन में विश्वभर के अग्रणी पैथोलॉजिस्ट, चिकित्सा शिक्षाविद, शोधकर्ता और स्वास्थ्य पेशेवर भाग ले रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ इंडियन पैथोलॉजिस्ट्स इन नॉर्थ अमेरिका (ए.आई.पी.एन.ए.) तथा इंडियन कॉलेज ऑफ पैथोलॉजिस्ट्स (आई.सी.पी.) के नेतृत्व में आयोजित यह सम्मेलन पैथोलॉजी के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि अमृतसर की पावन धरती पर आयोजित यह सम्मेलन पैथोलॉजी के क्षेत्र में नई खोजों और तकनीकों को लागू करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य अत्याधुनिक शोध, नवाचारी डायग्नोस्टिक तकनीकों और परिवर्तनकारी शैक्षणिक पद्धतियों को साझा करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में भाग लेकर विशेषज्ञों द्वारा साझा की जा रही जानकारी से चिकित्सा क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलेगा। इस दौरान उन्होंने सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर की समृद्ध विरासत और चिकित्सा क्षेत्र में पैथोलॉजी के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर मंत्री ने पंजाब सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए क्रांतिकारी प्रयासों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य की सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं के बुनियादी ढांचे में व्यापक सुधार किए गए हैं तथा आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाए गए हैं। इसके अतिरिक्त विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती की जा रही है। उन्होंने बताया कि आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से लोगों को उनके घरों के निकट गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। साथ ही राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये वार्षिक निःशुल्क उपचार सुविधा प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना प्रारंभ की गई है।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान पंजाब के निदेशक डॉ. अवनीश कुमार ने कहा कि यह सम्मेलन न केवल वैज्ञानिक उत्कृष्टता का उत्सव है, बल्कि अमृतसर की आत्मा को भी प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि अपनी समृद्ध विरासत, आतिथ्य और सांस्कृतिक जीवंतता के लिए प्रसिद्ध अमृतसर में प्रतिनिधियों को परंपरा और आधुनिकता के अद्वितीय संगम का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।
सम्मेलन के दौरान डॉ. रुपिंदर बख्शी (संयुक्त निदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान पंजाब), डॉ. कर्नल मिश्रा, डॉ. रितंबरा, डॉ. परमीत बग्गा, डॉ. के.डी. सिंह, डॉ. करमजीत सिंह, डॉ. जे.पी. अटारी, डॉ. विजय बोदल, डॉ. गिल तथा डॉ. जसप्रीत सिंह ने भी अपने विचार साझा किए। सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर से जुड़े रहे डॉ. विनय कुमार ने शिकागो से वर्चुअली जुड़कर पैथोलॉजी के क्षेत्र में अपने शोध कार्यों की जानकारी दी।
इस दौरान डॉ. अवनीश कुमार ने एआई के युग में नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। सम्मेलन में अमेरिका सहित अन्य देशों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिससे चिकित्सा विज्ञान को आगे बढ़ाने में वैश्विक साझेदारी की महत्ता उजागर हुई।
पैथोलॉजी विभाग की प्रमुख प्रोफेसर डॉ. परमीत कौर बग्गा ने प्रेरणादायक संबोधन के साथ प्रतिनिधियों का स्वागत किया और चिकित्सा के आधार के रूप में पैथोलॉजी की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने आधुनिक शिक्षण विधियों को वास्तविक क्लिनिकल उदाहरणों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
तीन दिवसीय इस सम्मेलन में प्लेनरी लेक्चर, इंटरएक्टिव कार्यशालाएं, पोस्टर प्रस्तुतियां और पैनल चर्चाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें आणविक पैथोलॉजी, हीमैटोलॉजी, ऑन्कोपैथोलॉजी तथा प्रयोगशाला चिकित्सा में प्रगति जैसे विषय शामिल होंगे। विशेष सत्र चिकित्सा शिक्षा, पैथोलॉजी में दृश्य संप्रेषण तथा डायग्नोस्टिक अभ्यास में तकनीक के एकीकरण पर केंद्रित होंगे। आयोजन समिति ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने, रोगी देखभाल को बेहतर बनाने और पैथोलॉजिस्ट की नई पीढ़ी को प्रेरित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर सिविल सर्जन अमृतसर डॉ. सतिंदर सिंह बजाज सहित सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर के अधिकारी एवं शोधार्थी भी उपस्थित थे।

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