पंजाब और सिखों के साथ नफरत करते हैं मोदी जी: सांसद गुरजीत सिंह औजला

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 5 फरवरी 2026: सांसद गुरजीत सिंह औजला ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र की भाजपा सरकार पर पंजाब विरोधी मानसिकता रखने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा आज राहुल गांधी पर उंगलियां उठा रही है, जबकि असली गद्दारी तो भाजपा नेतृत्व ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ की, जिनका अंतिम संस्कार भी सम्मानजनक ढंग से नहीं किया गया। यह पूरे सिख समाज और पंजाब का अपमान था।
औजला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो बार पंजाब आए, लेकिन दोनों बार प्रदेश को खाली हाथ लौट गए। पंजाब की परंपरा है कि मेहमान कभी खाली हाथ नहीं आता, मगर मोदी जी पंजाब के लिए एक भी बड़ी परियोजना की घोषणा नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि डेरा बल्लां में आए प्रधानमंत्री वहां विश्वविद्यालय या कॉलेज की घोषणा कर सकते थे, जिससे गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा मिलती, लेकिन पंजाब को फिर निराशा ही मिली।


रवनीत बिट्टू पर बयान को बनाया जा रहा राजनीतिक मुद्दा
रवनीत सिंह बिट्टू के मामले पर औजला ने कहा कि राहुल गांधी ने भावनात्मक रूप से उन्हें “गद्दार दोस्त” कहा था, जिसे भाजपा तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है। बिट्टू स्वयं कहते रहे हैं कि उनकी पगड़ी और राजनीतिक पहचान राहुल गांधी की देन है। कांग्रेस ने उनके परिवार को हमेशा सम्मान दिया—दादा मुख्यमंत्री रहे, ताया मंत्री बने, बुआ को भी पूरा मान मिला और बिट्टू को तीन बार लोकसभा टिकट दिया गया। परिवार जैसा रिश्ता छोड़कर जाने पर गुस्सा आना स्वाभाविक है।

देश को विदेशी ताकतों की मंडी बनाया जा रहा
सांसद औजला ने कहा कि आज देश की हालत चिंताजनक है। सरकार की नीतियों के कारण भारत को विदेशी कंपनियों की मंडी बनाया जा रहा है। चीन की घुसपैठ जैसे गंभीर मुद्दों पर राहुल गांधी जवाब मांगते हैं, लेकिन उन्हें संसद में बोलने तक नहीं दिया जाता। यह लोकतंत्र का गला घोंटने के समान है।

अमेरिका डील अडानी को बचाने की साजिश
अमेरिका के साथ हुई डील पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यदि यह समझौता देशहित में होता तो प्रधानमंत्री खुद सामने आकर इसका विवरण देते। इस डील से भारतीय बाजार पर अमेरिका का कब्जा बढ़ेगा और लाभ सिर्फ अडानी जैसे उद्योगपतियों को मिलेगा। गरीब किसान और छोटे व्यापारी इससे बुरी तरह प्रभावित होंगे।
पंजाब सरकार की मेडिकल बीमा योजना पर भी उठाए सवाल
इस दौरान औजला ने पंजाब सरकार द्वारा शुरू की जा रही मेडिकल बीमा योजना पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस योजना को सही ढंग से लागू करने के लिए कम से कम 7 लाख करोड़ रुपये के बजट की जरूरत है, जबकि पंजाब के पास इतना बजट है ही नहीं। यह सिर्फ एक राजनीतिक ड्रामा है।
उन्होंने आशंका जताई कि कुछ समय बाद कभी पोर्टल बंद होने का बहाना बनाया जाएगा, कभी सर्वर डाउन होने की बात कह दी जाएगी और आम जनता को फिर धक्के खाने पड़ेंगे। सरकार लोगों को गुमराह कर झूठे सपने दिखा रही है।


बजट में पंजाब और गरीब वर्ग पर सबसे बड़ी मार
औजला ने केंद्र के बजट को पंजाब विरोधी बताते हुए कहा कि जरूरी क्षेत्रों में भारी कटौती कर दी गई है—
राजस्व प्राप्तियों में ₹78,086 करोड़ की कमी
नेट टैक्स प्राप्ति में ₹1,62,748 करोड़ की कमी
कुल खर्च में ₹1,00,503 करोड़ की कटौती
पूंजीगत खर्च में ₹1,44,376 करोड़ की कटौती
स्वास्थ्य में ₹3,686 करोड़
शिक्षा में ₹6,701 करोड़
कृषि क्षेत्र में ₹6,985 करोड़
ग्रामीण विकास में ₹53,067 करोड़
शहरी विकास में ₹39,573 करोड़
प्रधानमंत्री आवास योजना में ₹3,200 करोड़
जल जीवन मिशन में ₹50,000 करोड़ की कटौती
SC, ST और OBC योजनाओं पर भी कैंची चलाई गई—
PM अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना: ₹890 करोड़
OBC/EBC/DNT छात्रवृत्ति: ₹690 करोड़
SC पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति: ₹360 करोड़
ST विकास कार्यक्रम: ₹1,559 करोड़ की कटौती

गरीब और पंजाब विरोधी है मोदी सरकार
औजला ने कहा कि जिस समय देश को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और ग्रामीण विकास में बड़े निवेश की जरूरत है, उस समय मोदी सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने में लगी है। यह सरकार गरीब, किसान और पंजाब विरोधी नीतियां लागू कर रही है।
उन्होंने मांग की कि पंजाब के साथ हो रहा भेदभाव तुरंत बंद हो, राज्य के हक का पूरा बजट जारी किया जाए और देश को पूंजीपतियों के हाथों गिरवी रखने की नीतियां वापस ली जाएं।

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