भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन संपर्क’ की बड़ी सफलता: अमृतसर में 300 एनडीपीएस मामले दर्ज, 532 गिरफ्तार, भारी मात्रा में ड्रग्स व 15.66 लाख बरामद

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 28 फरवरी 2026: माननीय मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व तथा गौरव यादव (डीजीपी पंजाब) के दिशा-निर्देशों के तहत, कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर द्वारा ऑपरेशन संपर्क को सक्रिय रूप से लागू किया गया है, ताकि निरंतर सामुदायिक सहभागिता और सहयोग के माध्यम से नशे के दुरुपयोग की समस्या से निपटने के लिए एक केंद्रित पहल की जा सके।
कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर द्वारा 01 जनवरी 2026 से 26 फरवरी 2026 तक एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 300 मामले दर्ज किए गए तथा 532 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 18.692 किलोग्राम हेरोइन, 1.630 किलोग्राम अफीम और 0.523 किलोग्राम मेथामफेटामाइन (आइस ड्रग) के साथ-साथ 1,430 कैप्सूल/गोलियां बरामद की गईं। ₹15,66,320/- की ड्रग मनी जब्त की गई। अधिकारियों ने नशीले पदार्थों की गतिविधियों में प्रयुक्त 13 वाहन भी जब्त किए, जिनमें 5 चारपहिया और 8 दोपहिया वाहन शामिल हैं।
ये परिणाम नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध निरंतर और केंद्रित कार्रवाई को दर्शाते हैं, जो नशे की आपूर्ति और मांग दोनों को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों को मजबूत करते हैं।
इस अवधि के दौरान, नशीले पदार्थों से संबंधित मामलों में पकड़े गए 601 व्यक्तियों को व्यापक उपचार हेतु नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया गया, जबकि 399 व्यक्तियों को चिकित्सकीय सहायता और निगरानी में पुनर्वास के लिए OOAT (आउटपेशेंट ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट) केंद्रों में दाखिल कराया गया।
नशे के दुरुपयोग के खतरों के बारे में जागरूकता फैलाने, नशे के आदी व्यक्तियों की पहचान करने, परिवारों को परामर्श देने तथा प्रभावित व्यक्तियों को उचित उपचार और पुनर्वास सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों में ऑपरेशन संपर्क के तहत कुल 37 बैठकें आयोजित की गईं।
ऑपरेशन संपर्क एक स्पष्ट “प्रवर्तन-प्लस-पुनर्वास” दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जहां एक ओर नशा तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहे, वहीं दूसरी ओर नशे के शिकार व्यक्तियों के परामर्श, उपचार और पुनर्वास पर समान रूप से जोर दिया जाए।
यह सतत पहल कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर की न केवल नशीले पदार्थों की आपूर्ति पर रोक लगाने की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है, बल्कि सहानुभूतिपूर्ण हस्तक्षेप, सामुदायिक सहभागिता और संरचित पुनर्वास सहायता के माध्यम से नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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