पश्चिम एशिया तनाव के बीच बासमती निर्यात संकट: सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने एसीयू बार्टर प्रणाली लागू करने की मांग की

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 02 अप्रैल 2026: सांसद साहनी ने बासमती चावल निर्यात की सुरक्षा हेतु एशियन क्लियरिंग यूनियन (एसीयू) के माध्यम से बार्टर आधारित भुगतान व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया
डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी, राज्यसभा सांसद, ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच विशेषकर पंजाब के बासमती चावल निर्यातकों के सामने उत्पन्न गंभीर संकट को उजागर किया है।
डॉ. साहनी ने बताया कि लगभग 60 लाख टन चावल की खेप वर्तमान में बंदरगाहों तथा समुद्र में फंसी हुई है, जिससे निर्यात में भारी बाधा उत्पन्न हो रही है। हाल ही में दुबई के निकट एक जहाज पर ड्रोन हमले की खबरों के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है, जिससे शिपमेंट की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। निर्यातकों को फंसी हुई खेप, भुगतान में देरी, बढ़ता मालभाड़ा एवं बीमा लागत, तथा भविष्य के व्यापार पर अनिश्चितता जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
डॉ. साहनी ने एशियन क्लियरिंग यूनियन (एसीयू) आधारित बार्टर प्रणाली को पुनः शुरू करने की जोरदार वकालत की है, जैसा कि पहले पेट्रोलियम व्यापार के लिए लागू था, ताकि चावल निर्यात को पेट्रोलियम जैसे आयात के साथ समायोजित कर भुगतान का सुचारु निपटान किया जा सके।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से निर्यातकों को तत्काल राहत मिलेगी और ईरान जैसे प्रमुख बाजारों के साथ व्यापार की निरंतरता सुनिश्चित होगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सरकार से वित्तीय सहायता, ब्याज में छूट, लॉजिस्टिक्स एवं बीमा समर्थन, तथा शिपमेंट की सुरक्षा के लिए सुदृढ़ उपाय करने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यह संकट केवल निर्यातकों तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों और बासमती चावल में भारत की वैश्विक नेतृत्व स्थिति पर भी गहरा प्रभाव डाल सकता है, इसलिए केंद्र सरकार द्वारा त्वरित हस्तक्षेप आवश्यक है।

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