बच्चों की प्रारंभिक देखभाल, पोषण और शिक्षा के संबंध में अभिभावकों को किया गया जागरूक

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 11 सितंबर 2026: भारत सरकार और पंजाब सरकार के निर्देशों के अनुसार बाल्यावस्था की प्रारंभिक देखभाल एवं शिक्षा दिवस (Early Childhood Care and Education – ECCE Day) अमृतसर जिले के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों में आज उत्साह और सक्रियता के साथ मनाया गया। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों की बाल्यावस्था में देखभाल, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के महत्व के बारे में अभिभावकों एवं समुदाय को जागरूक करना है।
इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के लिए विभिन्न खेल-आधारित गतिविधियां, गीत, नृत्य, चित्रकला, बौद्धिक विकास से संबंधित खेल तथा अन्य मनोरंजक गतिविधियां करवाई गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर दिया गया तथा उनकी रचनात्मकता, बौद्धिक क्षमता और सामाजिक कौशल विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
ईसीसीई डे के दौरान अभिभावकों को विशेष रूप से आंगनवाड़ी केंद्रों में आमंत्रित किया गया, ताकि वे अपने बच्चों की गतिविधियों को स्वयं देख सकें और बच्चों की शिक्षा एवं देखभाल में अपनी भूमिका को और अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकें। अभिभावकों को यह भी प्रेरित किया गया कि वे घर पर भी बच्चों के साथ खेल-आधारित एवं रचनात्मक गतिविधियां करवाएं।
इस अवसर पर बताया गया कि बचपन के प्रारंभिक वर्ष बच्चे के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा से जोड़कर उन्हें स्कूली जीवन के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
अमृतसर जिले में यह पहल आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजरों द्वारा नियमित रूप से की जा रही है। इससे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ “पोषण भी पढ़ाई भी” जैसी मुहिमों को भी और मजबूती मिल रही है।
यह दिवस बच्चों, अभिभावकों और आंगनवाड़ी टीम के बीच मजबूत तालमेल एवं सहभागिता विकसित करने के साथ-साथ समुदाय में बाल्यावस्था की देखभाल, पोषण और शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

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